लखनऊ: उत्तर प्रदेश में घर का निर्माण कराने वालों के लिए खुशखबरी है. क्‍योंकि यूपी सरकार ऐसा कदम उठाने जा रही है, जिससे लोगों को बालू और मौरंग के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा. दरअसल यूपी सरकार बालू और मौरंग की बिक्री ऑनलाइन करने जा रही है. जो कि भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की वेबसाइट updgm.in से की जाएगी. यूपी की योगी आदित्‍यनाथ सरकार ने निर्माण सामग्री की कीमतों में हो रही कालाबाजारी को रोकने के लिए यह कदम उठा रही है. जल्‍द ही सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बालू और मौरंग की ऑनलाइन बिक्री सिस्टम का उद्घाटन करेंगे. बता दें कि सरकार की यह योजना धरातल पर उतरी तो ऑनलाइन बालू-मोरंग और मिट्टी की बिक्री करने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य होगा.

उत्‍तर प्रदेश सरकार में भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने अपनी वेबसाइट को अपडेट करते हुए प्रदेश के सभी 75 जिलों में स्थित बालू मौरंग की खदानों का ब्योरा सार्वजनिक किया है. इसमें जिलों में स्थित खनन क्षेत्र, खनन पट्टा धारक का नाम, उप खनिज की मात्रा व प्रतिदिन की कीमत उपलब्ध होगी. साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में प्रमुख निजी भंडारण केंद्र व उनकी भंडारण क्षमता का भी ब्यौरा वेबसाइड पर मौजूद रहेगा. भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग यूपी डेस्को की सहायता से उत्पन्न होने वाले ट्रक-डंपर को वेबसाइट पर पंजीकृत कर उनकी किराया भी तय करेगा. ताकि उपभोक्ता विभाग की वेबसाइट पर स्थित पोर्टल से अपने जिले के नजदीकी खदान, भंडारण केंद्र से बालू मौरंग खरीद सके.

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ऑनलाइन भुगतान की भी मिलेगी सुविधा
बालू-मोरंग की खरीद पर सरकार इसका भुगतान भी ऑनलाइन करने जा रही है. इसके अलावा अगर उपभोक्‍ता चाहें तो अपने खुद के वाहन से भी बालू-मौरंग लेकर जा सकते हैं. इसके लिए भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने सभी जिलों में बालू मोरम के भंडारण केंद्र पर नजर रखने की योजना बनाई है. साथ ही निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ कंट्रोल रूम भी बनाने की तैयारी है, ताकि भंडारण और बिक्री पर नजर रखी जा सके.