लखनऊ: नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में राजधानी लखनऊ में हुए बवाल पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कड़ी नाराजगी जताई है. पूरे घटनाक्रम की निगरानी खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं. सीएम योगी ने अपर मुख्य सचिव गृह और डीजीपी को उपद्रवियों से सख्ती से निपटने के आदेश दिए हैं. बवाल को लेकर सीएम योगी ने कहा कि उपद्रवियों की पहचान हो गई है, उनकी संपत्ति जब्त करके नुकसान की भरपाई करेंगे. सीएम ने उपद्रवियों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई करने व अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं.

 

बता दें कि राजधानी लखनऊ में गुरुवार को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया. प्रदर्शनकारियों ने दो पुलिस चौकी को आग के हवाले कर दिया, और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठियां बरसाई. प्रदर्शनकारियों ने डालीगंज और हजरतगंज इलाके में जमकर उत्पात मचाया और तोड़फोड़ किया. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया. प्रदर्शनकारियों ने दो पुलिस चौकी को आग के हवाले कर दिया, और बाहर खड़े वाहनों को भी फूंक दिया. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. लखनऊ में उपद्रवियों ने मीडिया के ओबी वैन को भी आग के हवाले कर दिया.


प्रदर्शनकारियों ने पथराव और तोड़फोड़ की
लखनऊ के परिवर्तन चौक पर कांग्रेस, वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. कांग्रेस अध्यक्ष अजय लल्लू और कई अन्य कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. यहां प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठियां बरसाई, जिसमें कई लोग घायल हो गए. प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए पथराव में एसपी ट्रैफिक के साथ दर्जनों पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. डालीगंज इलाके में नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने पथराव और तोड़फोड़ की. हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान ठाकुरगंज में कथित तौर पर गोलीबार भी हुई है. हालांकि इसमें किसी तरह की जनहानि की खबर नहीं है.


दो पुलिस चौकी को किया आग के हवाले
प्रदर्शन के दौरान दो पुलिस चौकी को भी निशाना बनाया गया. मदेयगंज के बाद ठाकुरगंज स्थित सतखंडा पुलिस चौकी को प्रदर्शनकारियों ने फूंक दी. चौकी के बाहर खड़े वाहनों को भी फूंक दिया गया. खदरा इलाके में भी तोड़फोड़ और आगजनी हुई और यहां उपद्रवियों ने कई गाड़ियों में आग लगा दी. लखनऊ में चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा था, लेकिन पुलिस-प्रशासन की तैयारी पर प्रदर्शनकारी भारी पड़े. डीजीपी ओपी सिंह खुद परिवर्तन चौक पर शीर्ष अधिकारियों के साथ डटे हुउ थे. इसके बाद भी राजधानी प्रदर्शनकारियों की गिरफ्त में रही.