लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ में विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में एक प्रदर्शनकारी की मौत की खबर है. बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी को गोली लगी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल था. उसने गंभीर हालत में केजीएमयू ट्रामा सेंटर में दम तोड़ दिया. हालांकि अब तक मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि हमें नहीं पता कि मौत कैसे हुई हैं. पुलिस की तरफ से कोई गोली नहीं चलाई है. उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि मरने वाले शख्स का इस आंदोलन और पुलिस कार्रवाई से कोई लेना-देना है.

 


बता दें कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कई हिस्सों में बृहस्पतिवार को अफरातफरी का माहौल रहा. विशेषकर पुराने लखनऊ के मुस्लिम बहुल इलाकों में तनाव पैदा हो गया. नागरिकता कानून का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया और कई वाहनों को आग के हवाले कर उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया. पुराने लखनऊ के मदेयगंज इलाके में भीड़ को तितर बितर करने के लिए पुलिस को आंसूगैस के गोले दागने पड़े. प्रदर्शनकारियों ने मदेयगंज पुलिस चौकी में तोड़फोड़ की और सतखंडा चौकी को आग लगा दी. इसके अलावा कुछ निजी समाचार चैनलों और चार पहिया वाहनों एवं मीडिया कर्मियों के अन्य वाहनों को निशाना बनाया गया. कई वाहनों को आग के हवाले किया गया, जिनमें रोडवेज की एक बस शामिल है.


शहर के कई हिस्सों में पुलिस पर पथराव
शहर के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद भीड़ को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. हसनगंज क्षेत्र में पथराव कर रही भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी. जिलाधिकारी कार्यालय के निकट परिवर्तन चौक पर भी भीड़ ने जमकर पथराव किया. हजरतगंज सहित आसपास के क्षेत्रों में दुकानें बंद हो गयीं. पास के केडी सिंह बाबू स्टेडियम मेट्रो स्टेशन के दरवाजे बंद कर दिये ताकि परिवर्तन चौक पर और जमावड़ा होने से रोका जा सके. कई प्रदर्शनकारियों ने अपने मुंह को कपडे़ से ढंक रखा था ताकि सीसीटीवी फुटेज में पहचान से बचा जा सके. हालांकि शाम तक हालांकि हालात काबू में आ गये. पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) प्रवीण कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि स्थिति काबू में है और घबराने की कोई बात नहीं है. जिन लोगों ने उपद्रव किया, उन्हें चिन्हित किया जा रहा है. लखनऊ के मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम ने कहा कि वीडियोग्राफी के जरिए जो लोग चिन्हित होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. जिन लोगों ने नुकसान किया है, उसकी भरपायी उन्हीं से करायी जाएगी.


दोषियों की संपत्ति जब्त कर वसूलेंगे हर्जाना: योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रदेश में कुछ जगहों पर सीएए के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद प्रदर्शकारियों से शांति की अपील की. उन्होंने कहा कि जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी और सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान का हर्जाना वसूला जाएगा. मुख्यमंत्री ने एक बयान जारी कर कहा कि आमजन के जानमाल की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि उपद्रवियों को चिन्हित कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. अफवाह फैलाने वालों पर भी निगरानी रखी जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदर्शन के नाम पर हिंसा प्रदेश सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करेगी. मैंने एक बैठक बुलाई है और मैं खुद इसकी समीक्षा कर रहा हूं. जो भी इस हिंसा का जिम्मेदार होगा, उसकी जवाबदेही भी तय करेंगे. उपद्रवियों के चेहरे वीडियोग्राफी और सीसीटीवी कैमरों में कैद हो चुके हैं. योगी ने कहा कि पूरे प्रदेश में 8 नंवबर से निरंतर धारा 144 लागू है. बिना परमिशन के कोई भी प्रदर्शन नहीं कर सकता है. प्रदर्शन के नाम पर हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.


यूपी में हिंसा की घटनाओं पर राजनाथ सिंह ने की सीएम योगी से फोन पर बात
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश में हुई हिंसा की घटनाओं को लेकर गुरुवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बातचीत की. सिंह फिलहाल अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर हैं. सिंह ने ट्वीट किया है कि मैंने लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में हिंसा की घटनाओं के मद्देनजर प्रदेश के मुख्यमंत्री से फोन पर बातचीत की.