बलिया (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर गुरुवार को खुद ही जनता की समस्याएं लेकर रसड़ा कोतवाली पहुंच गये. दरअसल राजभर ने कोतवाल को बार-बार फोन करा कर अपने दफ्तर आने को कहा था, लेकिन उनकी बातें अनसुनी किये जाने क बाद वह खुद गुस्से में कोतवाली पहुंचे गये.

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कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने बताया कि गुरुवार सुबह कुछ लोग अपनी-अपनी शिकायतें लेकर रसड़ा स्थित उनके कार्यालय पहुंचे थे. समस्याएं सुनने के बाद उन्होंने अपने निजी सहायक राजीव शुक्ला से कोतवाली प्रभारी ज्ञानेश्वर मिश्र को फोन करवाया और उन्हें दफ्तर आने को कहा. उन्हें बुलाने का मकसद मसलों को आसानी से सुलझाना था. पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ने बताया कि करीब डेढ़ घंटा गुजरने के बावजूद कोतवाली प्रभारी उनके कार्यालय नहीं पहुंचे. इस बीच, मिश्र को दो बार फोन भी किया गया, मगर उससे कोई लाभ नहीं हुआ. उसके बाद, वह खुद कोतवाली पहुंच गये और गत 22 जुलाई को जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में पुलिस की पक्षपातपूर्ण कार्यवाही की शिकायत की.

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सीएम से करेंगे शिकायत
राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को अपमानित करती है. पुलिस के आचरण से राज्य सरकार की छवि खराब हो रही है. वह इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे.