नई दिल्ली: सीबीआई ने एक व्यापारी के अपहरण और हमले के एक मामले में बुधवार को समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद अतीक अहमद और अन्य लोगों के इलाहाबाद और लखनऊ स्थित परिसरों पर छापे मारे. अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि उत्तर प्रदेश के दो शहरों में छह जगहों पर तलाशी की जा रही है. उन्होंने बताया कि इससे संबंधित जानकारी बाद में दी जाएगी.

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिसंबर 2018 में उत्तर प्रदेश के देवरिया जेल में रियल एस्टेट डीलर मोहित जायसवाल के साथ मारपीट और अपहरण के आरोपों को लेकर अहमद के खिलाफ पिछले महीने मामला दर्ज किया था.

अधिकारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मामला दर्ज किया गया था. सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी में दावा किया गया कि जायसवाल को लखनऊ से अपहरण कर देवरिया जेल ले जाया गया, जहां अहमद और उनके सहयोगियों ने उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की और उसको अपने व्यवसाय को स्थानांतरित करने के लिए मजबूर किया गया. अहमद 2004 से 2009 तक उत्तर प्रदेश के फूलपुर से सपा के सांसद रहे थे.

बता दें कि 16 जुलाई की खबर के मुताबिक, सीबीआई ने एक कारोबारी के अपहरण की साजिश रचने के मामले में पूर्व सांसद अतीक अहमद के एक करीबी सहयोगी जफर उल्लाह के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है. अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सीबीआई दिसंबर 2018 में रियल एस्टेट डीलर मोहित जायसवाल के अपहरण और हमले के आरोपों पर उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद के खिलाफ मामला पहले ही दर्ज कर चुकी है. एक अधिकारी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद पिछले महीने मामला दर्ज किया गया।

सीबीआई प्राथमिकी में दावा किया गया कि जायसवाल का लखनऊ से अपहरण करके देवरिया जेल ले जाया गया, जहां पहले से बंद अहमद और उनके सहयोगियों ने उस पर हमला किया और उसका कारोबार उन्हें हस्तांतरित करने को मजबूर किया.