नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षा में अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 2015 की इस परीक्षा के कुछ ऊंचे रैंक वालों को पूछताछ के लिए बुलाया है. सूत्रों ने बताया कि करीब 25 परीक्षार्थियों पर जांच एजेंसी की नजर गई है, जिनमें कुछ ने मेधा सूची में टॉप 10 में जगह पाई थी. सीबीआई ने इन उम्मीदवारों को नोटिस जारी किया है, जो शीघ्र ही निर्धारित तिथियों पर जांचदलों के सामने पेश होंगे. Also Read - WBBSE Madhyamik 10th Result 2018: संजीवनी देवनाथ ने किया टॉप, यहां देखें टॉप 10 स्टूडेंट्स की लिस्ट

केंद्रीय जांच एजेंसी ने 2015 में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की आयोजित की गई परीक्षा में अनियमितताओं की जांच को लेकर पिछले महीने प्राथमिकी दर्ज की थी. आरोप है कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में हुई इस परीक्षा में गंभीर अनियमितताएं हुईं. Also Read - CBSE 10th Result 2018: Top 3 में 25 छात्र, देखें पूरी सूची

ये अनियमिताएं साक्षात्कार, उत्तर पुस्तिकाएं बदलने, प्रश्नपत्र लीक होने के बाद भी परीक्षा रद्द नहीं किए जाने , आरक्षण से जुड़े नियमों के उल्लंघन, किसी खास क्षेत्र एवं खास जाति के उम्मीदवारों को अधिक अंक दिये जाने से संबंधित हैं. जांच एजेंसी को राज्य सरकार से इस परीक्षा की जांच करने की सिफारिश मिली थी.

सूत्रों ने कहा कि सीबीआई ने 2012-2017 के बीच यूपीपीएससी द्वारा कराई गई परीक्षाओं में अनियमितताओं पर गौर करने के लिए प्राथमिक जांच दर्ज की थी. प्रथम दृष्टया सबूतों के आधार पर जांच एजेंसी ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों में 2015 की परीक्षा के सिलसिले में यूपीपीएससी के अधिकारियों और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. (इनपुट- एजेंसी)