CBI team investigating Hathras alleged gangrape case: यूपी के हाथरस के बहुचर्चित मामले की जांच कर रही सीबीआई टीम (CBI team) आज बुधवार को जिला अस्‍पताल (Hathras District Hospital) पहुंची. सीबीआई टीम ने हाथरस जिला अस्‍पताल के इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया और अस्‍पताल प्रशासन से बातचीत की. Also Read - बीजेपी से पहले से ही सांठगांठ, मायावती ने खुद ही खोली अपनी पोल: समाजवादी पार्टी

इस बारे में जब हाथरस जिला अस्‍पताल के सीएमएस डॉक. आईबी सिंह से पूछ गया कि क्‍या अस्‍पताल ने सीबीआई टीम को हाथरस गैंगरेप पीड़िता के इलाज के फुटेज उपलब्‍ध कराए हैं, तो उन्‍होंने कहा- हमारे पास CCTV footage के बैकअप का सिस्‍टम 7 दिन का है. फिर, किसी को एक महीने पुरानी फुटेज देना कैसे संभव है. Also Read - यूपी का बिकरू हत्याकांड: जब्‍त हथियारों में कई लोगों के फिंगरप्रिंट्स मिले, क्‍या सजा दिलाने में होगी मुश्‍किल?

बता दें कि 13 अक्‍टूबर को सीबीआई की एक टीम मंगलवार को हाथरस में दलित समुदाय की युवती के साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्‍कार और हत्या के मामले की जांच के लिए उसके गांव पहुंची और वारदात का नाट्य रूपांतरण करने के साथ- साथ मृतका के भाई से लम्बी पूछताछ की थी.

सूत्रों के मुताबिक सीबीआई की टीम मौका-ए- वारदात यानी बाजरे के खेत में गई थी और तथ्य जुटाने के लिए वारदात का नाट्य रूपांतरण (रीक्रियेशन) करने की कोशिश की. इसके अलावा टीम उस जगह पर भी गयी जहां लड़की के शव का अंतिम संस्कार किया गया था.

बाद में, सीबीआई टीम लड़की के भाई को अपने साथ हाथरस गेट थाना क्षेत्र में कृषि निदेशक कार्यालय स्थित अपने अस्थायी कैम्प कार्यालय ले गयी और वहां उससे कई घंटे तक पूछताछ की. बाद में उसे छोड़ दिया था.

उत्तर प्रदेश सरकार ने हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में गत 14 सितंबर को एक दलित लड़की से कथित तौर सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. केंद्र सरकार ने पिछले हफ्ते सीबीआई जांच की अधिसूचना जारी की थी.

हाथरस के एक गांव में 14 सितंबर को 19 वर्षीय दलित लड़की से चार लड़कों ने कथित रूप से बलात्कार किया था. इस लड़की की 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी. पीड़ित की 30 सितंबर को रात के अंधेरे में उसके घर के पास ही अंत्येष्टि कर दी गई थी. उसके परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने जल्द से जल्द उसका अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर किया. स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना था कि परिवार की इच्छा के मुताबिक ही अंतिम संस्कार किया गया.