अलीगढ़: केंद्र सरकार ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में बायोइंस्पायर्ड नैनोमटेरियल्स और ड्रग्स पर शोध के लिए उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर आफ एक्सीलेंस) स्थापित करने के लिए चार करोड़ रुपये के अनुदान को मंजूरी दी है.

‘ट्रांसलेशनल रिसर्च ऑन बायोइंस्पायर्ड नैनोमटेरियल्स एंड ड्रग्स फ्रॉम इंडोफाइट्स’ को विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के शोधकर्ताओं के साथ सक्रिय सहयोग में किया जाएगा. विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा कि इसकी अगुवाई प्रोफेसर अबसार अहमद करेंगे. विश्वविद्यालय का इंटरडिस्पिलिनरी नैनोटेक्नोलॉजी सेंटर इसके लिए क्षेत्रीय प्रयोगशाला के तौर पर कार्य करेगा, जिसमें बायो इंस्पायर्ड नैनोमटेरियल्स, बायो नैनोकांजुगेट्स की बड़े स्तरों पर संरचना की जाएगी.

AMU में जिन्ना की तस्वीर पर बीजेपी सांसद ने भेजा पत्र, कहा-बंटवारे के सूत्रधार की फोटो क्यों लगी

जिन्‍ना की तस्‍वीर को लेकर बीते दिनों सुर्खियों में रहा AMU
बता दें कि अलीगढ़ के सांसद संतोष गौतम ने एएमयू में लगी तस्वीर को हटाने की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि जिन्ना की तस्वीर लगाने का क्या औचित्य है. तस्वीर को क्यों नहीं हटाया जाना चाहिए. उनकी इस मांग के बाद मामले में सियासत तेज हो गई थी. बाद में एएमयू परिसर में प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद पुलिस ने लाठी-चार्ज भी किया था. इसके चलते मामला गरमाया हुआ था. एएमयू में जिन्ना की तस्वीर को लेकर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्‍बास नकवी ने कहा था कि एएमयू प्रशासन व छात्रों की राष्ट्रभक्ति पर सवाल नहीं किया जा सकता. वहीं, बीजेपी सरकार के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने मोहम्मद अली जिन्ना को देश के निर्माण में योगदान देने वाला बताया था. उन्होंने कहा था कि जिन महापुरुषों का योगदान इस राष्ट्र के निर्माण में रहा है, यदि उन पर कोई उंगली उठाता है तो तो ये घटिया बात है. जिन्ना की तस्वीर विश्वविद्यालय में लगाना कोई गलत बात नहीं है. हालांकि उनके इस बयान की काफी निंदा हुई थी.