प्रयागराज: कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए देशभर में घोषित लॉकडाउन के दौरान प्रवासी कामगारों की रोजगार की समस्या दूर करने के लिए सरकार देशभर में क्लस्टर के जरिए रोजगार के अवसरों का सृजन करने पर काम कर रही है. इसके साथ ही महानगरों की भीड़ कम करने के लिये स्मार्ट शहर और गांवों के विकास पर भी बल दिया जा रहा है. Also Read - ENG vs WI: विंडीज ने 32 साल पहले जीती थी इंग्‍लैंड में आखिरी टेस्‍ट सीरीज, जानें क्‍या कहते हैं आंकड़े !

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि देशभर से लोग रोजगार के लिए मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरू, जैसे महानगरों का रुख करते हैं, जिससे इन शहरों का ढांचा बिगड़ गया है. महानगरों में भीड़ घटाने और लोगों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मुहैया करने के लिए सरकार स्मार्ट शहर और गांवों के विकास पर काम कर रही है. Also Read - Coronavirus In India Update: 24 घंटे में 482 लोगों की मौत, 22 हजार से अधिक संक्रमित

सीईईडब्लू इंडिया द्वारा आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा, ”मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेस राजमार्ग का निर्माण तीन साल में पूरा हो जाएगा. 62 पैकेज में से 32 पैकेज दिए जा चुके हैं.. भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है और कार्य प्रगति पर है. हम इस राजमार्ग के दोनों ओर औद्योगिक संकुलों का निर्माण कर रहे हैं.” Also Read - इस दक्षिण अफ्रीकी पेसर ने गेंद को चमकाने का बताया नया फॉर्मूला, ICC लार पर लगा चुकी है बैन

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा, ”हम वहां स्मार्ट शहर और स्मार्ट गांव विकसित कर सकते हैं. उदाहरण के तौर पर हम ठाणे जिले में लेदर क्लस्टर बना सकते हैं, जहां धारावी के एक लाख 50 हजार लोगों को ले जा सकते हैं. प्रवासी कामगार महानगरों में क्यों आते हैं, यह मेरे लिए बहुत पीड़ादायक है.

गडकरी ने कहा, पैसा और प्रौद्योगिकी कोई समस्या नहीं है. पारदर्शिता, समयबद्ध निर्णय, भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के बल पर हम विदेशी निवेश और प्रौद्योगिकी को आकर्षित कर सकते हैं. हमें आयात घटाने और निर्यात बढ़ाने की जरूरत है. हमें शहरों के साथ ही ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने की जरूरत है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”हमें वन उत्पादों का उपयोग औद्योगिक क्षेत्रों में करने, ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां लगाने की जरूरत है. कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण हम बेहद गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं. हमें जल्द ही इसका वैक्सीन मिलने की उम्मीद है, लेकिन आगे आर्थिक युद्ध मौजूद है, यह आसान रास्ता नहीं है, क्योंकि पूरी दुनिया इससे जूझ रही है.”

मंत्री ने कहा, ”लेकिन सकारात्मकता और आत्मविश्वास के साथ हम होंगे कामयाब. कोशिश करने वालों की हार नहीं होती.” इस वेबिनार में उद्योग जगत से जमशेद एन गोदरेज, डॉक्टर नौशाब फोर्ब्स, डॉक्टर रतिन राय, डॉक्टर अनुभा घोष और सुश्री शुवा राहा ने अपने विचार रखे.