नई दिल्ली. प्रयाग अर्द्धकुंभ की शुरुआत से पहले ही केंद्र सरकार उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने को मंजूरी दे सकती है. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस बाबत भेजे गए प्रस्ताव पर गृह मंत्रालय तेजी के साथ काम कर रहा है. इसी साल होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए केंद्र, यूपी की भाजपा सरकार के इस प्रस्ताव को जल्द से जल्द स्वीकृति देने के प्रयास में लगी हुई है. चूंकि कुंभ के दौरान बड़ी तादाद में हिंदू श्रद्धालु इलाहाबाद में जमा होंगे, इसलिए शहर का नाम बदलने का यह बेहतरीन अवसर भी होगा. आपको बता दें कि अक्टूबर 2018 में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने का प्रस्ताव दिया था.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने इलाहाबाद का आधिकारिक रूप से नाम बदलने की कवायद शुरू कर दी है. इसके तहत इस जनपद (जिला) का नाम, रेलवे स्टेशन, हाईकोर्ट, विश्वविद्यालय जैसे तमाम स्थानों के नाम बदल जाएंगे. यानी एक बार केंद्र की मुहर लग जाने के बाद ‘इलाहाबाद’ के नाम से जाना जाने वाला हर संस्थान, संगठन या स्थान ‘प्रयागराज’ के नाम से जाना जाएगा. यानी अभी तक आप जिस इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, इलाहाबाद हाईकोर्ट या इलाहाबाद स्टेशन को जानते हैं, वह सब नाम बदले जाने के बाद प्रयागराज के नाम से जाना और पहचाना जाएगा.

दरअसल, देश में किसी भी स्थान का नाम बदलने से पहले भारत सरकार की मंजूरी जरूरी होती है, क्योंकि किसी एक शहर का नाम, उसकी भौगोलिक पहचान, पोस्टल पहचान आदि भी नाम परिवर्तन के साथ बदलते हैं. इसलिए बिना केंद्र की मंजूरी के देश में किसी भी स्थान का नाम नहीं बदला जा सकता. नाम परिवर्तन से पहले केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों की भी मंजूरी लेनी होती है. प्रयागराज के मामले में भी ऐसा ही है. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने कहा है कि देश में ‘प्रयाग’ नाम के 14 स्थान हैं, लेकिन सिर्फ एक ही जगह ऐसी है जिसे ‘प्रयागराज’ के नाम से जाना जाता है.

गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अखबार को बताया कि इलाहाबाद में कई केंद्रीय संस्थान हैं, हाईकोर्ट, रेलवे स्टेशन और अन्य संस्थाएं हैं, जिसके नाम के आगे इलाहाबाद जुड़ा है. इसलिए नाम परिवर्तन से पहले सभी संबंधित मंत्रालयों को इस संबंध में पत्र भेजा गया है कि गृह मंत्रालय ने यूपी सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. सभी मंत्रालयों द्वारा यूपी सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद इलाहाबाद को प्रयागराज के नाम से जाना जाने लगेगा. गृह मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय ने इस संबंध में इंटेलीजेंस ब्यूरो, जियोग्राफिकल सर्वे ऑफ इंडिया, डाक विभाग, पृथ्वी मंत्रालय आदि से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी थी. किसी भी विभाग से कोई आपत्ति नहीं मिलने के बाद अब यूपी सरकार को इलाहाबाद का नाम बदलने को लेकर अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) जारी कर दिया जाएगा.