चंदौली: उत्तर प्रदेश के चंदौली में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के विधायक और कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हो गई. धक्का-मुक्की और झड़प के बीच सपा विधायक प्रभुनारायण यादव (SP MLA Prabhunarayan Yadav) ने सीओ के सिर पर अपना सिर दे मारा. विधायक ने सीओ के सिर को दोनों हाथों से पकड़ा और अपना सिर मार दिया. इस अप्रत्याशित घटना के बाद अफरातफरी मच गई. इसका वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हो रहा है. पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए विधायक समेत दो को नामजद किया है. डेढ़ सौ आज्ञात लोगों पर एफआईआर भी की है. यह घटना उस वक्त हुई जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) चंदौली में एक जनसभा को संबोधित करने आये थे.Also Read - UP Election 2022: योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में घर-घर मांगे वोट, कैराना और हज हाउस का ज़िक्र किया

बलुआ थाना प्रभारी मिथलेश तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी जिले के रामगढ़ स्थित बाबा कीनाराम की तपोस्थली के शिलान्यास के लिए आए थे. विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को पत्रक सौंपने के लिए सपा कार्यकर्ता का समूह कार्यक्रम स्थल की ओर जा रहा था. एसडीएम और सीओ ने उन्हें लक्ष्मणगढ़ गांव के पास रोक दिया. सपा कार्यकर्ता नहीं मानें और पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे बढ़ने लगे. इसी बीच पुलिस ने उन्हे काबू में करने की कोशिश की. इस दौरान सकलडीहा से सपा विधायक प्रभुनारायन सिंह यादव और सीओ ने उन्हें रोका. वह नहीं मानें. विधायक ने सीओ के सिर पर अपना सिर दे मारा और पुलिस की लाठी छीन ली. इससे मामला बिगड़ गया. मामले का वीडियो वायरल (Video Viral) हो गया. Also Read - UP Election 2022: सपा ने स्टार प्रचारकों की सूची जारी की, मुलायम और अखिलेश के साथ स्वामी प्रसाद मौर्य का भी नाम

पुलिस ने बताया कि पूरे प्रकरण में चंदौली पुलिस ने बलुआ थाना में सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण यादव व संतोष यादव समेत 150 से अधिक नामजद व अज्ञात लोगों पर मुकदमा पंजीकृत किया है. मामले की विवेचना हो रही है. जांच के बाद जो भी विधिक कार्रवाई की जाएगी. मामले पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने संज्ञान लिया था. उन्होंने अपने आधिकारिक फेसबुक पर इसको लेकर कमेंट किया. उपमुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर लिखा है कि चंदौली में पुलिसकर्मियों व डिप्टी एसपी के साथ अभद्रता व हाथापाई सपा का गुंडों, अपराधियों व माफियाओं वाले चरित्र को उजागर करता है. यह नई सपा नहीं वही सपा है. Also Read - UP Election 2022: इन 47 सीटों पर नज़र लगाए हैं प्रमुख राजनीतिक दल, सिर्फ इतने वोटों से हुई थी हार-जीत