शाहजहांपुर: स्वामी चिन्मयानंद मामले में एसआईटी द्वारा आरोपी बनाए गए भाजपा नेता ने गुरुवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया जिसके बाद उन्हें अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया. अभियोजन अधिकारी लाल साहब ने भाषा को बताया कि स्वामी चिन्मयानंद मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी जांच में जिला कॉपरेटिव बैंक के अध्यक्ष तथा भाजपा नेता डीपीएस राठौर समेत एक अन्य भाजपा नेता को आरोपी बनाते हुए चार्जशीट न्यायालय में पेश की थी. जिसके बाद भाजपा नेता को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने नोटिस जारी किया परंतु वह न्यायालय में पेश नहीं हुए थे.

उन्होंने बताया कि आज सीजेएम ओमबीर की अदालत में भाजपा नेता डीपीएस राठौर ने आत्मसमर्पण करते हुए न्यायालय से जमानत की गुहार लगाई जिस पर न्यायालय ने जमानत स्वीकार करते हुए उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया है. विशेष जांच दल एसआईटी द्वारा न्यायालय में दाखिल की गई चार्जशीट में पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद को यौन शोषण के मामले में तथा पीड़िता समेत संजय, विक्रम और सचिन को स्वामी चिन्मयानंद से पांच करोड रुपए की रंगदारी मांगने के आरोप में जेल भेज दिया गया था.

रंगदारी मामले में पीड़िता समेत विक्रम, सचिन की जमानत इलाहाबाद उच्च न्यायालय से होने के बाद उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया है. जबकि संजय तथा यौन शोषण के आरोपी स्वामी चिन्मयानंद अब भी जेल में बंद है.

स्वामी चिन्मयानंद के ही कालेज स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में कानून की पढ़ाई करने वाली एक छात्रा ने 24 अगस्त को एक वीडियो वायरल करके स्वामी चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाए थे. इसके बाद इस मामले की जांच, उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर गठित की गई एसआईटी ने की जिसमें स्वामी चिन्मयानंद को यौन शोषण का आरोपी बनाया गया था और पीड़िता समेत संजय, विक्रम तथा सचिन को स्वामी चिन्मयानंद से 5 करोड रुपए की रंगदारी मांगने के आरोप में चिन्मयानंद समेत पांच आरोपियों को जेल भेज दिया गया था.

इसी मामले में एसआईटी द्वारा की गई जांच में भाजपा नेता डीपीएस राठौर के अलावा एक अन्य भाजपा नेता के विरुद्ध आईपीसी की धारा 385 ,201 और 506 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दी गई थी जिसमें आज भाजपा नेता ने आत्मसमर्पण के बाद न्यायालय से जमानत ले ली है.

(इनपुट भाषा)