नई दिल्‍ली/ लखनऊ: पूर्व केंद्रीय मंत्री स्‍वामी चिन्‍मयानंद ने अपने ऊपर लगाए गए लगभग हर आरोप को स्‍वीकार कर लिया है. ये दावा इस मामले में जांच करने वाली एसआईटी टीम के प्रमुख ने किया है. स्‍पेशल इन्‍वेस्‍ट‍िगेशन टीम के प्रमुख नवीन अरोड़ा ने शुक्रवार को बताया कि स्‍वामी चिन्‍मयानंद ने अपने खिलाफ लगाए गए लगभग हर आरोप को स्‍वीकार कर लिया है, जिसमें अश्‍लील बातचीत करना, बॉडी मसाज भी शामिल है. बता दें कि आज गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने चिन्‍मयानंद को 14 दिन की न्‍यायिक हिरासत में भेज दिया है.

वीडियो दिखाते ही चिन्‍मयानंद बोले- आपको सब पता चल गया है
एसआईटी प्रमुख और पुलिस महानिरीक्षक नवीन अरोड़ा ने शाहजहांपुर में एक प्रेस कॉन्‍फेंस में बताया कि चिन्मयानंद को मसाज (मालिश) की वीडियो क्लिपिंग भी दिखाई गई, जिस पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘जब आपको सब पता ही चल गया है तो मुझे कुछ नहीं कहना. मैं अपना अपराध स्वीकारता हूं और अपने कृत्य के लिए शर्मिंदा हूं.’

ऐसे जुटाए सबूत
एसआईटी प्रमुख ने बताया कि एसआईटी ने मोबाइल कॉल डिटेल के डिजिटल रिकॉर्ड और टोल टैक्स प्लाजा के फुटेज हासिल किए और इस तरह एसआईटी कड़ी से कड़ी जोड़ कर इस मामले में यहां तक पहुंची है. आईजी नवीन अरोड़ा ने कहा, ‘हमें पता लगा कि लडकी शाहजहांपुर से बरेली गई और फिर शिमला जाकर दिल्ली चली गई . इसके बाद लडकी की लोकेशन राजस्थान के दौसा में मिली .’

तीन लोगों को भी अरेस्‍ट किया
एसआईटी प्रमुख ने बताया कि संजय सिंह, सचिन सेंगर, विक्रम उर्फ दुर्गेश ओर एक अनाम शख्स (मिस ए) के खिलाफ भी आईपीसी
और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. संजय, सचिन और विक्रम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया
गया है.

लड़की ने संजय से लगभग 4200 बार फोन पर बात की
अरोड़ा ने बताया कि एक जनवरी 2019 से लड़की ने संजय से लगभग 4200 बार फोन पर बात की, जबकि उसने चिन्मयानंद से
लगभग 200 बार बात की. पीड़िता और संजय के मैसेज भी देखे गए हैं, जिनके जरिए ये संदेशों का आदान-प्रदान करते थे.

रेप के आरोपी भाजपा नेता चिन्मयानंद गिरफ्तार

एसआईटी चीफ अरोरा ने क‍हा कि परिस्‍थतिजन्‍य साक्ष्‍यों का भी परीक्षण किया गया है. अरोरा ने बताया कि वह शर्मिंदा होने के अलावा कुछ नहीं कहना चाहता था.

14 दिन की हिरासत में भेजा
यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद को विशेष जांच दल की एक टीम ने शुक्रवार की सुबह उनके आवास से गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. चिन्मयानंद को विशेष जांच दल ने सीजेएम की अदालत में पेश किया जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. हालांकि चिन्मयानंद के वकील ने उनका स्वास्थ्य ठीक न होने का हवाला देते हुए उन्हें लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल
यूनिवर्सिटी में भेजने का अनुरोध किया था.

– चिन्मयानंद के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.
– एसआईटी की टीम ने स्वामी चिन्मयानंद को मुमुक्षु आश्रम स्थित आवास दिव्य धाम से सुबह करीब 8:50  बजे गिरफ्तार किया.
– शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया.
– चिन्मयानंद की गिरफ्तारी को विशेष जांच दल ने बेहद गोपनीय रखा.
– जिला अस्पताल, वहां से कलेक्ट्रेट तक जाने वाले मार्ग पर, कलेक्ट्रेट से जिला कारागार तक और मुमुक्षु आश्रम के गेट पर भी पुलिस बल तैनात है.

– एसआईटी की टीम दर्जन भर से अधिक गाड़ियों के काफिले के साथ चिन्मयानंद को गिरफ्तार करने उनके आवास पर पहुंची
– एक घंटे पहले पीएसी और पुलिस ने मुमुक्षु आश्रम के सभी द्वारों को घेर लिया था.

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एलएलएम की छात्रा ने वीडियो वायरल कर आरोप लगाया था
बता दें कि शाहजहांपुर में स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में पढ़ने वाली एलएलएम की छात्रा ने बीते 24 अगस्त को एक वीडियो वायरल कर चिन्मयानंद पर शारीरिक शोषण करने, कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने एवं खुद को और अपने परिवार को जान का खतरा होने की बात कही थी.

पीड़िता ने जान देने की बात कही थी
पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराने के बाद उनकी जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए 18 सितंबर को कहा था कि अगर सरकार इंतजार कर रही है कि वह खुद ही मर जाए तो वह खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा लेगी.

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चिन्‍मयानंद ने 5 करोड़ रुपए मांगने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी
इस मामले में पीड़िता के पिता ने कोतवाली शाहजहांपुर में अपहरण और जान से मारने के आरोप में विभिन्न धाराओं के तहत चिन्मयानंद के विरुद्ध मामला दर्ज कराया था. लेकिन इससे एक दिन पहले चिन्मयानंद के अधिवक्ता ओम सिंह ने पांच करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने का मुकदमा पीड़िता के पिता के खिलाफ दर्ज करा दिया था.

छात्रा गायब हुई फिर पहुंची थी सुप्रीम कोर्ट
इस बीच पीड़िता गायब हो गई. कुछ दिन बाद उसे राजस्थान से बरामद कर लिया गया और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर उसे दिल्ली में शीर्ष अदालत के समक्ष पेश किया गया. न्यायालय ने एसआईटी को मामले की जांच का निर्देश दिया. (इनपुट एजेंंसी)