शाहजहांपुरः पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपए बतौर रंगदारी मांगने की आरोपी छात्रा को एलएलएम प्रथम सेमेस्टर के बैक पेपर की परीक्षा दिलाने के लिए सोमवार को जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच बरेली ले जाया गया. पुलिस अधीक्षक (नगर) दिनेश त्रिपाठी ने आज बताया कि चिन्मयानंद से रंगदारी मांगने के मामले में जेल में बंद छात्रा को न्यायालय के आदेश पर परीक्षा दिलवाने के लिए पर्याप्त पुलिस बल भेजा गया है.

पुलिस टीम पीड़िता को सुबह जेल से लेकर बरेली रवाना हो गई. रंगदारी मांगने के मामले में पिछले 25 सितंबर से जेल में बंद इसी छात्रा ने चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगाया था इस प्रकरण में चिन्मयानंद को गत 20 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था.

रंगदारी मांगने के मामले में विशेष जांच दल द्वारा आरोपी बनाई गई पीड़िता यहां स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में पढ़ती थी, मगर उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर पीड़िता का दाखिला एलएलएम तृतीय सेमेस्टर में एमजेपी विश्वविद्यालय बरेली में कराया गया है. आज पीड़िता का एल एल ए एम प्रथम सेमेस्टर की बैक पेपर परीक्षा है इसीलिए पीड़िता को विश्वविद्यालय परीक्षा दिलाने ले जाया गया हैl

छात्रा की पढ़ाई बाधित ना हो इसके लिए उच्चतम न्यायालय के आदेश पर स्वामी चिन्मयानंद के कालेज के बजाय बरेली के एमजेपी विश्वविद्यालय में उसका प्रवेश कराया गया है. इसी परिपेक्ष में पीड़िता के वकील कुलविंदर सिंह ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ओमबीर सिंह के न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर पीड़िता को परीक्षा में शामिल होने की मांग की थीl

दूसरी ओर, चिन्मयानंद प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी टीम ने भाजपा के दो नेताओं को भी आरोपी बनाकर आरोप पत्र दाखिल किया है, जिसमें सहकारी बैंक के अध्यक्ष डीपीएस राठौर तथा भाजपा नेता अजित सिंह के नाम का उल्लेख है. आरोप है कि उन्होंने पीड़िता से राजस्थान के दौसा में जब पीड़िता बरामद हुई थी तब इन्हीं दोनों नेताओं ने उससे पेनड्राइव छीन ली थी. इस पेन ड्राइव में स्वामी चिन्मयानंद का मालिश वाला वीडियो था.