उत्तर प्रदेश के एक सरकारी जुनियर इंजीनियर का कारनामा इन दिनों चर्चा में है. 50 से अधिक बच्चों के यौन शोषण के आरोपी इस इंजीनियर को अब सस्पेंड कर दिया गया है. सीबीआई ने उसे कल मंगलवार को गिरफ्तार किया था. वह चित्रकूट जिले में सिंचाई विभाग में कनिष्ठ अभियंता (जेई) के पद पर तैनात था. उसका नाम रामभवन सिंह है. चित्रकूट के जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय ने सिंचाई परियोजना के प्रमुख अभियंता वीके निरंजन द्वारा जारी निलंबन आदेश की प्रति बुधवार को मीडिया को जारी की है. Also Read - 'लव जिहाद' पर बोलीं मायावती- धर्म परिवर्तन अध्यादेश अनेक आशंकाओं से भरा है, सरकार पुनर्विचार करे

निरंजन ने अपने निलंबन आदेश में कहा कि जेई के अनैतिक तथा कदाचार में लिप्त होने पर उसे कर्मचारी आचरण नियमावली प्रावधानों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. Also Read - Nandababa Temple Namaz Case: मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने वाले दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं कोर्ट ने की खारिज

अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सिंह पर चित्रकूट, बांदा और हमीरपुर जिलों में 5 से 16 साल की आयु के करीब 50 बच्चों के साथ कुकृत्य करने का आरोप है. उसे बांदा से गिरफ्तार किया गया और जल्द एक सक्षम अदालत में पेश किया जा सकता है. अधिकारियों के अनुसार सीबीआई को तलाशी के दौरान आठ मोबाइल फोन, करीब आठ लाख रुपये नकदी, सेक्स टॉय, लैपटॉप और बड़ी मात्रा में बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री के अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं. उन्होंने बताया कि आरोप है कि सिंह पिछले 10 साल से इस काम को अंजाम दे रहा था. समझा जाता है कि उसने जांचकर्ताओं को बताया कि वह बच्चों को इस बारे में मुंह बंद रखने के लिए मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण देता था. Also Read - कूड़ा फेंकने के मामूली विवाद में सिपाही, उसकी बहन व मां की धारदार हथियार से हत्या, जांच में जुटी पुलिस

उधर, चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंकित मित्तल ने बुधवार को बताया, “सीबीआई की एक आठ सदस्यीय टीम दो नवंबर से जिले में डेरा डाले थी, लेकिन पुलिस को यह पता नहीं था कि किस मामले की जांच कर रही है. इतना जरूर था कि सीबीआई टीम गिरफ्तार जेई रामभवन व उसके चालक से लगातार पूछताछ कर रही थी.”

(इनपुट भाषा)