लखनऊ: कानून व्यवस्था के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही बाधित करने वाले विपक्ष की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि बुलंदशहर की घटना उन लोगों का ‘राजनीतिक षडयंत्र’ था, जो अपनी राजनीतिक जमीन खो चुके हैं. कानून व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष के जबर्दस्त हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित होने के बाद योगी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘तीन दिसंबर की (बुलंदशहर) हिंसा उन लोगों का राजनीतिक षड़यंत्र थी, जो राजनीतिक आधार खो चुके हैं.

सीएम योगी से मिले बुलंदशहर हिंसा में मारे गए सुमित के परिजन, शहीद का दर्जा देने, प्रतिमा लगवाने की मांग

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राजनीतिक षडयंत्र था, जिसका खुलासा हो चुका है. शांति व्यवस्था किसी भी कीमत पर बनाये रखी जाएगी. इससे पहले योगी बुलंदशहर घटना को दुर्घटना बता चुके हैं. उल्लेखनीय है कि बुलंदशहर हिंसा में एक पुलिस इंस्पेक्टर सहित दो लोगों की मौत हो गयी थी. बता दें कि हिंसा में मारे गए सुमित के परिजनों ने आज सीएम योगी से मुलाकात की. इसके बाद सीएम ने ये बयान दिया है.

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बुलंशहर हिंसा में मारे गए सुमित नाम के युवक को शहीद का दर्जा देने और उसकी प्रतिमा लगवाने की मांग की गई है. ये मांग सीएम योगी आदित्यनाथ से मिले सुमित के परिजनों ने की है. सुमित के परिजन लखनऊ में सीएम योगी से मिलने पहुंचे थे. सीएम से बातचीत के बाद परिजनों ने कहा कि वह चाहते हैं कि सुमित को सम्मान मिले. हमने कई मांगें की हैं. बता दें कि गौकशी के शक में भड़की बुलंदशहर हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार शहीद हो गए थे. भीड़ का शिकार हुए सुबोध कुमार के साथ ही सुमित नाम के युवक की भी जान चली गई थी. इंस्पेक्टर सुबोध और सुमित को एक ही तरह की गोली लगी थी. घटना के बाद वायरल हुए कई वीडियो में सुमित को भीड़ के साथ देखा गया. सुमित हिंसा करने वाली भीड़ में शामिल था. सुमित को गोली कैसे लगी और किसने मारी, इसका पता अब तक नहीं चल पाया है.