लखनऊ: कानून व्यवस्था को लेकर अकसर विपक्ष के निशाने पर रहने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज पलटवार करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था पर प्रश्न खड़े करने वालों को ‘दृष्टिदोष’ हो गया है. योगी ने विधानसभा में अनुपूरक बजट पर बोलते हुए कहा, ‘प्रदेश की आज की कानून व्यवस्था पर जो प्रश्न खड़ा कर रहा है. मुझे लगता है कि उसे किसी नई दृष्टि की आवश्यकता है. इसे हम दृष्टिदोष कह सकते हैं. Also Read - निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए 157 लोगों की यूपी में तलाश, 8 इंडोनेशियाई बिजनौर की मस्जिद में मिले

उन्होंने कहा, ’16 महीने में उत्तर प्रदेश में एक भी दंगा नहीं हुआ. प्रदेश में आज निवेश आ रहा है. फरवरी में इन्वेस्टर्स समिट किया था. पहले लोग हंसते थे क्योंकि प्रदेश की ऐसी तस्वीर बना दी गयी थी कि उत्तर प्रदेश में अराजकता और गुंडागर्दी है. आज देश और दुनिया का हर उद्योगपति उत्तर प्रदेश में निवेश का इच्छुक दिखायी दे रहा है.’ सपा—बसपा और कांग्रेस के बीच तालमेल के प्रयासों पर योगी ने कटाक्ष किया, ‘उत्तर प्रदेश में नया चिपको आंदोलन चल रहा है. बसपा कहती है कि सपा से उसकी दूरी है. पता नहीं कितनी दूरी है.’ Also Read - Corona के खिलाफ जंग: PM मोदी को होती है हर केस की जानकारी, वार रूम की तरह काम कर रहा PMO

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मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर पर असम सरकार की पहल सार्थक है. हम शरणार्थियों को सम्मान दें. हर तरह की सुविधा दें. ये भारत की नीति रही है लेकिन घुसपैठिए के रूप में आकर जो भारत के वंचितों, गरीबों और नागरिकों के हितों पर डकैती डालने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें इस तरह की छूट नहीं दी जा सकती है. उन्होंने कहा कि दलितों के साथ 15 वर्ष तक सपा—बसपा सरकारों ने अन्याय किया. शासन की योजनाओं से वंचित किया.