वाराणसी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में आये बाढ़ पीड़ित परिवारों के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं स्वयं की तरफ से संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में शासन एवं प्रशासन बाढ़ पीड़ितों के साथ हैं. उन्होंने विशेष रूप से कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रधानमंत्री, केंद्र एवं प्रदेश सरकार पूरी तरह संवेदनशील हैं. बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए जिलों को पर्याप्त धनराशि की उपलब्धता सुनिश्चित करा दी गई है. राहत शिविरों में रहने वाले लोगों को समयानुसार शुद्ध खाने की व्यवस्था के साथ-साथ पेयजल एवं उनकी चिकित्सा सुविधा की भी व्यवस्था की गयी है.

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को वाराणसी में आयी बाढ़ का निरीक्षण करने के पश्चात अस्सी स्थित गोयनका संस्कृत महाविद्यालय में बाढ़ पीड़ितों के लिए बनाए गए राहत शिविर का निरीक्षण किया तथा 33 बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बताया कि बेतवा एवं चंबल नदी से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा, यमुना एवं गोमती में पानी का जलस्तर बेतहाशा बढ़ने के कारण बाढ़ की स्थिति पैदा हुई है. बाढ़ पीड़ितों को आपदा की इस घड़ी में सांत्वना देते हुए योगी ने कहा कि शासन एवं प्रशासन उनके साथ खड़ा है.

बाढ़ पीड़ितों को दी राहत सामग्री
जिला प्रशासन के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि बराबर बाढ़ पीड़ितों का हाल-चाल जानने के साथ-साथ आवश्यक राहत सामग्री उन्हें उपलब्ध करा रहे. उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन को यह निर्देश दिया गया है कि बाढ़ से पीड़ित परिवारों को प्रत्येक दशा में 12 घंटे के अंदर राहत सामग्री तथा जन हानि एवं पशु हानि होने की स्थिति में मुआवजा राशि 24 घंटे के अंदर पीड़ित जनों को उपलब्ध करायी जाए. इसमें किसी भी स्तर पर कतई लापरवाही एवं विलंब नहीं होना चाहिए. इस राहत शिविर में 51 बाढ़ पीड़ित परिवारों के 217 लोग रह रहे हैं.