लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देशव्‍यापी लॉकडाउन के चलते दूसरे राज्यों में फंसे उत्तर प्रदेश के कामगारों और प्रवासी मजदूरों से भावुक अपील करते हुए गुरुवार को कहा कि वे सब्र रखें और सरकार उन्हें उनके घर तक पहुंचाने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर रही है. Also Read - Summer Vacation Begins in Delhi Schools: दिल्ली के स्कूलों में अब इस दिन से गर्मी की छुट्टियां

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर गठित ‘टीम-11’ के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान सभी राज्यों में फंसे उत्तर प्रदेश के कामगारों और श्रमिकों से भावुक अपील की. Also Read - कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में टीकाकरण सबसे बड़ा हथियार: पीएम मोदी

योगी ने कहा कि इन कामगारों ने अभी तक जिस धैर्य का परिचय दिया है, उसे बनाए रखें. संबंधित राज्यों की सरकारों से संपर्क कर सभी को घरों तक सुरक्षित पहुंचाने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है, इसलिए वे जहां हैं वहीं रहें. संबंधित राज्य सरकारों के संपर्क में रहें और कतई पैदल ना चलें. Also Read - अब दिल्ली के किसी भी स्टेशन पर नहीं मिलेंगे प्लेटफॉर्म टिकट, जानिए क्यों लिया गया ये फैसला

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि श्रमिकों को घर वापस लाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने संबंधित सभी राज्यों को पत्र लिखकर उनका नाम, पता, मोबाइल नंबर और मेडिकल रिपोर्ट समेत विस्तृत विवरण मांगा है.

प्रवक्ता ने बताया कि दूसरे राज्यों से आने वाले कामगारों और श्रमिकों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाने की प्रक्रिया में मुख्यमंत्री योगी ने राजस्व विभाग से 6 लाख लोगों के लिए पृथक-वास केंद्र, आश्रय केंद्र और सामुदायिक रसोई तैयार कराए हैं.


राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि गुरुवार को मध्य प्रदेश में फंसे उत्तर प्रदेश के कामगारों और श्रमिकों को वापस लाया जाएगा जबकि कल गुजरात से ऐसे लोगों को लाने का काम किया जाएगा. हरियाणा से 13 हज़ार लोगों को भी लाया जा रहा है.

प्रवक्ता ने कहा कि योगी सरकार ने इससे पहले दिल्ली से 28 / 29 मार्च को चार लाख लोगों को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया. हरियाणा और राजस्थान के भी 50 हज़ार लोगों को घरों तक पहुँचाया गया है.

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया राजस्थान के कोटा में फंसे उत्तर प्रदेश के 11,500 छात्र-छात्राओं को भी योगी सरकार सुरक्षित घरों तक पहुंचा चुकी है. इसके अलावा प्रयागराज से प्रदेश के विभिन्न जिलों के 15 हज़ार छात्रों को भी घरों तक पहुंचाया जा चुका है.