सीतामढ़ी: यूपी के डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा द्वारा माता सीता को ‘टेस्ट ट्यूब बेबी’ बताए जाने के खिलाफ बिहार की एक अदालत में परिवाद पत्र दायर किया गया है. शिकायत करने वाले परिवाद दायर करने वाले बिहार के सीतामढ़ी के अधिवक्ता चंदन कुमार सिंह हैं. उन्होंने यूपी में बीजेपी सरकार के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा पर धार्मिक उन्माद फैलाने की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है. उन्होंने परिवाद सीतामढ़ी व्यवहार न्यायालय में दायर कराया है. अधिवक्ता चंदन कुमार सिंह द्वारा दायर परिवाद पत्र में कहा गया है कि दिनेश शर्मा का यह बयान न सिर्फ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है, बल्कि देश में धार्मिक उन्माद फैलाने की साजिश का हिस्सा नजर आता है. मामले में अगली सुनावाई आठ जून को अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में होगी.

एफआईआर की मांग
उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि इस मामले में आरोपी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश देकर कानूनी कार्रवाई की जाए. परिवाद पत्र में कहा गया है कि माता सीता जगत जननी माता हैं. ऐसे में उपमुख्यमंत्री का यह बयान सभी लोगों की माता का अपमान है. उन्होंने बताया कि शनिवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सरोज कुमारी की अदालत में इस मामले पर सुनवाई हुई, जिसके बाद अदालत ने इस परिवाद पत्र को स्वीकार कर लिया है. अब इस मामले में अगली सुनावाई आठ जून को अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में होगी.

सीतामढ़ी में हुआ था माता सीता का जन्म
आरोप है कि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम में मां सीता को एक घड़े से जन्म लेने की तुलना ‘टेस्ट ट्यूब बेबी’ से कर दी थी. इस बयान के बाद डिप्टी सीएम की जमकर आलोचना की जा रही है. मान्यता है कि मां सीता का जन्म सीतामढ़ी में ही हुआ था. यहां के अधिवक्ता ने ही परिवाद दायर कराया है.