Attack on BJP MP in Uttar Pradesh: कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी ने प्रतापगढ़ बीजेपी सांसद संगम लाल गुप्ता पर हमले के पीछे उनके हाथ होने के आरोप को खारिज किया है. तिवारी ने फोन पर बात करते हुए कहा कि वह विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में ध्यान आकर्षित करने और अपनी टीआरपी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. तिवारी ने आरोप लगाया कि गुप्ता ने खुद अपने कपड़े फाड़े थे और हो सकता है कि कार्यकतार्ओं के बीच हाथापाई हुई हो, जो किसी ने मुझे बताया है. किसी ने सांसद पर हमला नहीं किया.Also Read - Maharashtra: नांदेड़ से तीन बार सांसद रह चुके भास्‍करराव खतगांवकर ने BJP छोड़ी, कांग्रेस में वापस लौटे

भाजपा सांसद ने आरोप लगाया था कि उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में ‘गरीब कल्याण मेला’ में दोनों के समर्थकों के बीच झड़प होने पर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी के समर्थकों ने उन्हें शनिवार को पीटा था. भाजपा ने आरोप लगाया कि हमले का वीडियो एक सबूत है, कि गुप्ता को तिवारी और उनकी बेटी आराधना मिश्रा की उपस्थिति में पीटा गया. दोनों ने आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि गुप्ता आरोप इसलिए लगा रहे है क्योंकि प्रतापगढ़ में बीजेपी खुद को असहाय महसूस कर रही है, इसलिए वे इस तरह के घटिया हथकंडे अपना रहे हैं. Also Read - UP Election 2022: BSP के 'जाटव' वोटों में सेंध की तैयारी में BJP, मायावती के खिलाफ प्रत्याशी के नाम पर मुहर

प्रतापगढ़ के लालगंज पुलिस थाने में कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी, कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा और 48 अन्य पर धारा 307 (हत्या का प्रयास), 146 (दंगा) और 336 (दूसरों की जान और व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना) के तहत मामला दर्ज किया गया है. Also Read - PM मोदी पांच नवंबर को केदारनाथ जाएंगे, 250 करोड़ रुपए की केदारपुरी परियोजना शुरू करेंगे

भाजपा सांसद संगम लाल गुप्ता ने अपने समर्थकों के साथ प्रयागराज-प्रतापगढ़ मार्ग पर कई घंटों तक यातायात बाधित किया, जिसके बाद शनिवार देर रात मामला दर्ज किया गया. इससे पहले शनिवार को प्रतापगढ़ जिले के सांगीपुर विकासखंड सभागार में आयोजित गरीब कल्याण मेला के दौरान कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकतार्ओं के बीच मारपीट में कई लोग घायल हो गए थे.

भाजपा सांसद संगम लाल गुप्ता को भी कथित तौर पर पीटा गया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें बचाया और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी के साथ भी हाथापाई की गई थी, जिसमें आराधना मिश्रा का मोबाइल फोन खो गया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, गरीब कल्याण मेले में बतौर मुख्य अतिथि बीजेपी सांसद संगम लाल गुप्ता को आमंत्रित किया गया था, लेकिन वह देर से पहुंचे.

इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी और आराधना मिश्रा ‘मोना’ मेला स्थल पर पहुंचे और चंद मिनट बाद भाजपा सांसद भी पहुंचे, जिससे कांग्रेस और भाजपा कार्यकतार्ओं में तनाव व्याप्त हो गया.

तीखी नोकझोंक के बाद दोनों गुटों ने एक दूसरे पर हमला कर दिया. वायरल हुए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोगों ने उनके वाहन का पीछा किया और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया. हंगामे के बाद कार्यक्रम को भी स्थगित कर दिया गया. भारी बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया.

(इनपुट आईएएनएस)