लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की जुबानी तकरार व सोशल मीडिया वॉर के बाद अब एक नया मामला सामने आ चुका है. बसों को लेकर व प्रवासी मजदूरों के मामले पर यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. बता दें कि बीते कल ही कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने नोएडा बॉर्डर पर 100 बसों को खड़ा किया था. इसी बीच नोएडा कांग्रेस उपाध्यक्ष पकंज मलिक समेत अन्य कई लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया हैं. इस बाबत पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिन बसों को कल नोएडा बॉर्डर पर खड़ा किया गया था. उनमें से 2 बसों को सीज कर दिया गया है क्योंकि उन बसों की फिटनेस सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका है. Also Read - इस दिन खुलेगा प्रसिद्ध बालाजी मंदिर, हर दिन 6,000 भक्त कर पाएंगे दर्शन

पुलिस अधिकारी ने बताया कि हम अन्य सभी बसों की जांच कर रहे हैं. आशंका जताई जा रही है कि सभी बसों की फिटनेस जांच के बाद ही इन्हें प्रदेश में ले जाने की अनुमति दी जा सकती है. हालांकि इस मामले में पुलिस ने नोएडा सेक्टर 39 पुलिस थाने में लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने को लेकर पंकज मलिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. Also Read - गुजरात में कांग्रेस के एक और विधायक ने दिया इस्‍तीफा, राज्‍यसभा चुनाव से पहले 8 MLA ने छोड़ा साथ

बता दें कि एक तरफ कांग्रेस नेता पंकज मलिक व अन्य 20 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज किया गया है. वहीं दूसरी तरफ प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह ने यूपी सरकार को खत लिखकर बताया है कि हम 19 मई की सुबह से ही नोएडा बॉर्डर पर खड़े हैं. हमें यहां रोक दिया गया है. उन्होंने लिखा हमारी बसों को नोएडा गाजियाबाद बॉर्डर व आगरा बॉर्डर पर पुलिस ने रोक रखा है साथ ही यूपी के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह लल्लू के साथ गलत व्यवहार भी पुलिस द्वारा किया जा रहा है. उन्होंने आगे लिखा कि हम आज शाम 4 बजे तक यहीं रहेंगे. हमारी सभी बसें महामाया फ्लाइओवर के नीचे खड़ी हैं. साथ ही भरतपुर-आगरा सीमा पर 300 बसे खड़ी हैं. इन बसों को प्रशासन व स्थानीय पुलिस सीमा पार करने से रोक रही है. Also Read - राज्यसभा चुनाव से पहले गुजरात में कांग्रेस के विधायकों का इस्तीफा, 3 माह में 7 MLA छोड़ चुके हैं पार्टी