नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के बहराइच से भाजपा की सांसद सावित्री बाई फुले के पार्टी से इस्तीफ देने के बाद कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को तंज कसते हुए कहा कि ‘डूबते जहाज’ से छलांग लगाना समझदारी है. कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने फुले के इस्तीफे के बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘एक पुरानी कहावत है कि समझदारी इसी में होती है कि डूबते जहाज से छलांग लगा देनी चाहिए.’’

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छोड़ दिया साथ
बता दें कि भाजपा सांसद सावित्री फुले पहले से ही भाजपा से नाराज चल रही थीं. इससे पहले भी वो अक्‍सर अपनी पार्टी के खिलाफ विरोधी रुख अख्तियार करती रही हैं. लखनऊ में अपने इस्‍तीफे की घोषणा करते हुए उन्‍होंने एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा दलितों का भला नहीं चाहती. राजग सरकार के शासनकाल में बाबा साहब आंबेडकर की मूर्तियों को तोड़े जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्‍होंने कहा कि इन मामलों में दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. इससे पहले राम मंदिर मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने भगवान  राम पर भी सवालिया उठाए थे. उन्होंने कहा था कि अगर राम में ताकत होती तो मंदिर अब तक बन चुका होता अयोध्‍या में राम मंदिर का निर्माण देश के तीन प्रतिशत ब्राम्‍हणों का धंधा है.

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भाजपा छोड़ने का सिलसिला बढ़ेगा
वहीँ कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता ने कहा ‘सिर्फ जनता ही नहीं, भाजपा के नेता भी अपनी पार्टी से नाराज हैं. राजस्थान में भाजपा के मंत्री तक ने पार्टी छोड़ दी. आने वाले दिनों में भाजपा छोड़ने का सिलसिला बढ़ेगा.’ दरअसल, सावित्री बाई फुले ने भाजपा से नाराज होकर बृहस्पतिवार को इस्तीफा देने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘अयोध्या में आरएसएस, विहिप और भाजपा द्वारा मुस्लिम, दलित एवं पिछड़ों की भावना को आहत करते हुए संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं.’ उनका कहना है कि पार्टी की नीतियों के विरोध में उन्होंने इस्तीफ़ा दिया है. उन्होंने भाजपा पर दलित विरोधी पार्टी होने का भी आरोप लगाया. (इनपुट एजेंसी)