नई दिल्ली : कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार श्रमिकों को उनके गंतव्यों तक भेजने के लिए उसकी ओर से मुहैया कराई जा रही बसों को लेकर घटिया राजनीति कर रही है. पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी (Abhishek Singhvi) ने यह भी कहा कि ये बसें बुधवार शाम पांच बजे तक राजस्थान (Rajasthan) से लगी उत्तर प्रदेश सीमा पर खड़ी रहेंगी और उत्तर प्रदेश सरकार को इन्हें जाने की अनुमति देनी चाहिए. Also Read - टिड्डियों को नियंत्रित करने के लिए ड्रोन के जरिए किया जा रहा कीटनाशक का छिड़काव

उन्होंने वीडियो लिंक के माध्यम से संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह घटिया राजनीति की चरम सीमा है. अजय सिंह बिष्ट सरकार (योगी आदित्यनाथ सरकार) गोल-गोल घूमा रही है. इस राजनीति का औचित्य क्या है? हम सरकार के इस रुख की कड़ी निंदा करते हैं.’’ सिंघवी के मुताबिक मई के अंत की चिलचिलाती गर्मी के बीच और पैर में छाले लेकर श्रमिक चल रहे हैं, लेकिन बसों को रोका जा रहा है और सस्ती राजनीति की जा रही है. Also Read - प्रवासियों के रोजगार मामले पर योगी आदित्यनाथ का यू-टर्न, अब राज्य सरकार से नहीं लेनी होगी अनुमति

उन्होंने कहा, ‘‘प्रियंका गांधी ने खुद कहा है कि अगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री चाहें तो बसों पर भाजपा के अपने बैनर-झंडे लगा लें, लेकिन बसों को जाने की अनुमति दें. अभी समय है. हमारी बसें आज चार बजे तक वहां रहेंगी. अगर अजय सिंह बिष्ट जी को जनादेश और जनता की चिंता है तो तुरंत बसों को चलाने की अनुमति दीजिए.’’ Also Read - Migrant labourers Politics: प्रवासी कामगारों के फैसले को लेकर प्रियंका ने पूछा सवाल- क्या योगी सरकार मजदूरों को बंधुआ बनाएगी

गौरतलब है कि बसों को लेकर पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप चल रहा है. दोनों तरफ से एक दूसरे को कई पत्र लिखे गए हैं. उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि कांग्रेस ने 1000 से अधिक बसों का जो विवरण मुहैया कराया उनमें कुछ दोपहिया वाहन, एंबुलेस और कार के नंबर भी हैं. इस पर कांग्रेस ने कहा कि उसकी ओर से मुहैया कराई गई सूची में उत्तर प्रदेश सरकार ने खुद 879 बसों के सही होने की पुष्टि की है और उसे अब इन बसों को चलाने की अनुमति प्रदान करनी चाहिए.