लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश में भाजपा के सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने कहा कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने पिछड़ों और दलितों के आरक्षण को तीन श्रेणियों में बांट कर सभी को बराबर हिस्सेदारी पर विचार करने का जो वायदा किया उसे वह लोकसभा चुनाव के पहले पूरा करे. Also Read - बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद गोरखा समस्या का समाधान हो जाएगा: अमित शाह

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सुभासपा अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा कि ‘पिछले दिनों पिछड़ा वर्ग के आरक्षण में विभाजन का वायदा भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने किया था. पिछड़ों के 27 फीसदी आरक्षण को तीन श्रेणी में विभाजित कर पिछड़ा, अति पिछड़ा और सर्वाधिक पिछड़ा श्रेणी बनाई जाये. 12 प्रदेशों में यह विभाजन लागू है उत्तर प्रदेश में यह लागू क्यों नहीं है.

एससी-एसटी के साढ़े 22 फीसदी आरक्षण में हो विभाजन

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार एससी-एसटी के साढ़े 22 फीसदी आरक्षण में भी तीन श्रेणी में आरक्षण का विभाजन हो. दलित, अति दलित और महादलित में विभाजन हो, ताकि आरक्षण का लाभ सबको समान रूप से आरक्षण मिल सकें. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इस बाबत वायदा किया था कि लोकसभा चुनाव से छह महीने पहले इसे लागू करवा देंगे. अब वह अपना वायदा पूरा करें. उन्होंने कहा कि एससी एसटी और दहेज उत्पीड़न के मामलों में मजिस्ट्रेटी जांच के बाद ही मुकदमा लिखे जायें, क्योंकि ऐसे मामलो में लगभग 50 फीसदी मामले फर्जी तरीके से लोगों को परेशान करने के लिए लिखाये जाते हैं. राजभर ने कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वह पार्टी को मजबूत करने की तैयारियों में जुट जायें.