लखनऊ: लखनऊ से गाजीपुर तक के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेस का निर्माण जल्द ही शुरू हो सकता है. मंगलवार को लखनऊ में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को लेकर बैठक हुई, जिसमें रास्ते में पड़ने वाले गांव, स्कूल, बिजली के खंभे, आदि को विस्थापित करने को लेकर चर्चा की गई. बताया जा रहा है यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य की शुरूआत बजट सत्र के बाद कर सकते हैं.Also Read - UP: PM मोदी 25 अक्टूबर को सिद्धार्थनगर से 7 मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन करेंगे, CM योगी ने दी ये जानकारी

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लखनऊ के चंदसराय गांव से शुरू होकर गाज़ीपुर के हैदरिया गांव तक एक्सप्रेस वे बनने का प्रस्ताव है. यह लखनऊ, बाराबंकी, फैज़ाबाद, अंबेडकरनगर, अमेठी, सुल्तानपुर, आज़मगढ़, मऊ और गाज़ीपुर से होकर गुजरेगा. जिसे अयोध्या, इलाहाबाद, वाराणसी और गोरखपुर से लिंक रोड के माध्यम से जोड़ा जाएगा. आज़मगढ़ से गोरखपुर के लिए नया लिंक एक्सप्रेस वे बनाया जाएगा, जो कि लगभग 100 किमी लंबा होगा. Also Read - SC के बाहर आत्मदाह करनेवाले युवक ने 5 वें दिन अस्पताल में तोड़ा दम, युवती का इलाज जारी

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पूर्वांचल एक्सप्रेस वे देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस वे होगा, जिसकी लंबाई 353 किलोमीटर तक होगी. यह लगभग 17, 000 करोड़ की लागत से बनकर तैयार होगा. इस परियोजना को 2 साल 6 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. फिलहाल इसे 6 लेन बनाने का प्रस्ताव है लेकिन इसे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है.

एक्सप्रेस वे बनने के बाद लखनऊ से गाज़ीपुर की यात्रा 4:30-5 घंटे में पूरी होगी. इतना ही नहीं दिल्ली से गाज़ीपुर की दूरी भी कम होगी और सफ़र भी आसान हो जाएगा.

बता दें पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पूर्व यूपी सीएम अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट था. अखिलेश ने अक्टूबर 2015 में DPR को कैबिनेट से मंज़ूरी दी थी. फरवरी 2016 में अखिलेश यादव ने पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के लिए लगभग 2000 करोड़ रूपये का बजट दिया. पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का शिलान्यास अखिलेश यादव ने दिसंबर 2016 में किया था और लगभग 60% ज़मीन अधिग्रहण का काम सपा सरकार के कार्यकाल में हो गया था. मई 2017 में योगी सरकार ने सपा सरकार के टेंडर को निरस्त कर दिया.जमीन अधिग्रहण का काम अभी भी जारी है.