लखनऊ: अयोध्या में धर्म सभा की तैयारी को लेकर विश्व हिन्दू परिषद सहित संघ परिवार ने कमर कस ली है. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, विश्व हिन्दू परिषद और भारतीय जनता पार्टी सहित पूरा संघ परिवार कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सक्रिय हो गया है. ऐसे में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने शुक्रवार को अपने बयान कहा कि आगामी रविवार यानि 25 नवम्बर को अयोध्या में बुलाई गई ‘धर्मसभा’ राम मंदिर के निर्माण के लिए बाधाओं को दूर करने का ‘आखिरी प्रयास’ है. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: भाजपा के मेनिफेस्टो पर मचा बवाल, तो BJP ने किया पलटवार

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मंदिर निर्माण का संकल्प

मंदिर के शुरुआती निर्माण के लिए रणनीति पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाई गई है. विश्व हिंदू परिषद का कहना है कि सभी प्रयास जब असफल होंगे तो युद्ध एकमात्र रास्ता बचेगा. विश्व हिन्दू परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अम्बरीश सिंह ने बताया कि 25 नवम्बर को अयोध्या के बड़ा भक्तमाल की बगिया, पंच कोसी परिक्रमा मार्ग, रामघाट के प्रांगण में ‘विराट धर्म सभा’ का आयोजन दोपहर 12 बजे किया जाएगा. कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रदेश का प्रत्येक रामभक्त तत्पर है. अयोध्या में दिव्य और भव्य मंदिर निर्माण हो यह संकल्प हम सबने ले रखा है.

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अब सीधे मंदिर निर्माण होगा !

मीडिया को दिए बयान में वीएचपी क्षेत्रीय संगठनात्मक सचिव भोलेंद ने कहा कि अब और कोई सभाएं नहीं होंगी और अब अगला पड़ाव मंदिर के निर्माण की शुरुआत होगी. उन्होंने कहा, “अब मंदिर निर्माण के लिए सभाएं, प्रदर्शन और धरना इत्यादि नहीं होंगे और न ही विरोधियों को समझाया जाएगा..सीधे मंदिर निर्माण होगा.” विहिप नेता ने कहा कि मंदिर निर्माण के विरोध कर रहे लोगों को तथ्यों का अहसास कराने के लिए आखिरी बार प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सभी प्रयास असफल होंगे तो युद्ध एकमात्र रास्ता बचेगा. हिंदू संगठन ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल राजनीति कर रहे हैं. विश्व हिंदू परिषद के नेता ने कहा कि जनेऊ (पवित्र धागा) पहनकर, कैलाश मानसरोवर की यात्रा कर और कुछ देवताओं के नामों का जाप कर राहुल हिंदुओं का समर्थक नहीं बन सकते.