लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में टीले वाली मस्जिद के बाहर लक्ष्मण की मूर्ति स्थापित किए जाने के प्रस्ताव पर सियासत गरमा रही है. इस प्रस्ताव पर उलेमाओं की ओर से विरोध के स्वर उठने लगे हैं और इस पर ऐतराज जताया गया है. टीले वाली मस्जिद के बाहर मैदान पर लक्ष्मण की मूर्ति बनाने के प्रस्ताव को उलेमाओं ने सियासत करार दिया है. Also Read - पार्षद से राज्‍यपाल तक लालजी टंडन की राजनीतिक यात्रा, अटल बिहारी बाजपेयी के रहे करीब

सियसत का लगाया आरोप

उलेमाओं का कहना है कि आस्था के प्रतीक लक्ष्मण की मूर्ति लगनी चहिए इससे हमें ऐतराज नहीं है, लेकिन जानबूझकर इसे मस्जिद के सामने लगाने की योजना बन रही है, पहले भी राम के नाम पर यहां सियासत की गई और अब सियासी दल लक्ष्मण के बहाने नई भूमिका तैयार कर रहे हैं.

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टीले वाली मस्जिद के इमाम मौलाना फजले मन्नान ने इसका खुलकर विरोध किया है. मौलाना ने कहा कि भगवान लक्ष्मण की मूर्ति किसी और मैदान में भव्य तरीके से लगनी चाहिए. तिकोनिया पार्क बहुत छोटा है और इसका इस्तेमाल महत्वपूर्ण मौकों पर नमाज अता करने के लिए भी किया जाता है. इसे यहां नहीं लगाया जाना चाहिए.

किताब में किया दावा

बहरहाल, लक्ष्मण की मूर्ति स्थापना को लेकर तकरार जारी है. 2019 चुनाव के मद्देनजर इस पर सियासी विवाद और गहरा सकता है. अभी तक सरकार की तरफ से इस संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया गया है. हाल ही में लखनऊ में पूर्व बीजेपी सांसद लालजी टंडन की किताब अनकहा लखनऊ का विमोचन हुआ था. इस किताब में कहा गया है कि लक्ष्मण टीला तोड़कर वहां टीले वाली मस्जिद बनाई गई थी. हालांकि उलेमा इससे साफ इनकार करते हैं.