आगरा: आगरा सेंट्रल जेल के 12 कैदियों में रविवार रात घातक वायरस कोविड-19 का परीक्षण पॉजिटिव आने के बाद ताज शहर में कोरोना संकट ने विकट मोड़ ले लिया है. पुलिस उपमहानिरीक्षक (कारागार) लव कुमार ने कहा, “हमने कैदियों के 24 नमूने लैब परीक्षण के लिए भेजे थे और इनमें से 12 को एसएन मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी) द्वारा कोरोना पॉजिटिव बताया गया है. अब और नमूने लैब परीक्षण के लिए एकत्र किए गए हैं.” Also Read - अक्षय कुमार बन गए रियल 'पैडमैन', अब इस तरीके से करना चाहते हैं मदद, की स्पेशल अपील

शनिवार को आगरा सेंट्रल जेल के एक 60 वर्षीय अपराधी का कोरोना परीक्षण पॉजिटिव आया था. उसकी एस.एन.मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी. जेल अधिकारियों के अनुसार अपराधी को एसएनएमसी के आपातकालीन वार्ड में 3 मई को भर्ती कराया गया था. उसे उच्च रक्तचाप की समस्या थी और ब्रेन स्ट्रोक हुआ था. उसके नमूने एकत्र किए गए और 4 मई को परीक्षण के लिए भेजे गए. 6 मई की शाम को उसमें कोविड -19 संक्रमण की पुष्टि हुई. Also Read - लॉकडाउन में अंडर-19 खिलाड़ियों को मिली ये सीख, जानिए राहुल द्रविड़ की जुबानी

इस बीच लगातार बढ़ रहे मामले को लेकर सीएमओ मुकेश कुमार वत्स पर गाज गिरी है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगरा में उच्च स्तरीय टीम भेजने का निर्णय लिया था. अब इसी टीम के सदस्य डॉक्टर आरसी पाण्डेय को आगरा का सीएमओ नियुक्त किया गया है, जबकि आगरा के मौजूदा सीएमओ डॉक्टर मुकेश कुमार वत्स को डीएम कार्यालय से संबद्ध किया गया है. Also Read - अमेरिका में कोरोना वायरस से 1,00,000वें व्यक्ति की मौत, 500 से अधिक भारतीय भी हुए आकाल मौत के शिकार

इससे पहले मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) मुकेश कुमार वत्स ने कहा, “सभी नए रोगियों को क्वारंटीन सुविधा में स्थानांतरित कर दिया गया है. डॉक्टरों की एक टीम उनकी देखरेख कर रही है. उनके संपर्कों की पहचान की जा रही है. हम इन सभी लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे.”

आगरा जिले में अब तक 764 कोरोना पॉजिटिव मामलों की सूचना मिली है, इसे कोविड-19 हॉटस्पॉट में बदल दिया गया है. सीएमओ ने कहा, “अब तक 326 लोग ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं. वे सभी लोग जो किसी कोविड -19 रोगी के संपर्क में आए थे, उनकी जांच की जा रही है.”