लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कोविड-19 संक्रमण ने एक ही दिन में 30 लोगों की जान ले ली. इनमें से मौतों के 15 मामले मेरठ में सामने आए हैं. राज्य में एक दिन में कोरोना संक्रमण की वजह से होने वाली मौतों का यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के मुताबिक बुधवार को कोविड-19 संक्रमित 30 लोगों की मौत हो गई. इसके साथ ही इस विषाणु के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 465 पहुंच गई.Also Read - देश में अब तक 46.72 करोड़ से ज्यादा कोविड टीके की खुराक दी गई: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय

सबसे ज्यादा 15 लोगों की मौत मेरठ में हुई है. इसके अलावा गाजियाबाद में चार, आगरा में तीन, गौतम बुद्ध नगर, वाराणसी, हापुड़, रामपुर, मैनपुरी, गोंडा, बहराइच और भदोही में एक एक व्यक्ति की मौत हुई है. मेरठ में अब कोविड-19 के कारण सबसे ज्यादा 77 मौतें हो चुकी हैं. उसके बाद आगरा में 72 मौतें हुई हैं. Also Read - दिल्ली में अब तक करीब 98 लाख कोरोना की खुराकें दी गईं, जानें क्या है वैक्सीनेशन की स्थिति

इसके पूर्व, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने कहा, ‘पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 591 नये प्रकरण सामने आये . संकमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या 5477 है जबकि 9239 लोग पूर्णतया उपचारित होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं.’ प्रसाद ने कहा, ‘रिकवरी की दर अभी भी 61 प्रतिशत के आसपास है. मंगलवार को पूल टेस्टिंग के माध्यम से पांच पांच सैम्पल के 1373 पूल लगाये गये, जिनमें से 213 पाजिटिव पाये गये. दस-दस सैम्पल के 73 पूल लगाये गये और इनमें से 16 पाजिटिव निकले. Also Read - बीजेपी विधायक ने कहा- ऑक्सीजन की कमी से सैकड़ों लोग तड़प-तड़प कर मरे, दर्द किसी को दिखाई नहीं देता

उन्होंने कहा, ‘मंगलवार को प्रदेश में 16, 159 नमूनों की जांच की गयी, जो अब तक का सर्वाधिक आंकडा है. इससे पहले 15 हजार से अधिक नमूनों की जांच का आंकडा हमने पार किया था लेकिन मंगलवार को प्रदेश में 6 हजार का आंकडा पार हुआ.’ प्रसाद ने बताया कि अभी तक प्रदेश में विभिन्न चिकित्सालय आकस्मिक एवं आवश्यक सेवाएं शुरू कर चुके हैं. अब लोगों की मांग को देखते हुए नान कोविड केयर भी महत्वपूर्ण है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि सीमित तौर पर जनरल ओपीडी प्रारंभ कर दिया जाए.

प्रसाद ने बताया कि इस बारे में शासनादेश मंगलवार को ही जारी कर दिया गया है. प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में जनरल ओपीडी सभी एहतियात के साथ तत्काल प्रारंभ हो जाएंगी. अगर किसी को बुखार या अन्य कोई लक्षण हो तो उसकी कोरोना जांच की जाएगी. उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में अभी ओपीडी शुरू नहीं की गयी है. पीएचसी और सीएचसी में ओपीडी सेवा कायदे से बहाल होने के बाद जिला अस्पतालों में इसे शुरू करने के बारे में विचार किया जाएगा. जिला अस्पतालों में अभी सर्जरी और इमरजेंसी के साथ साथ अन्य आवश्यक सेवाओं की अनुमति है. प्रसाद ने कहा कि निजी क्षेत्र के क्लीनिकों को भी जनरल ओपीडी कुछ शर्तों के साथ शुरू करने की अनुमति दे दी गयी है. जहां एक या दो डाक्टरों के क्लीनिक हैं, वहां कोरोना प्रोटोकाल का पालन करना होगा और डाक्टरों को सीमित संख्या में मरीजों को देखना है.