लखनऊ: कोरोनावायरस महामारी के प्रसार को रोकने के लिए लगातार लोगों से हैंड सैनिटाइजर इस्तेमाल करने की अपील के बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने 24 चीनी मिलों को हैंड सैनिटाइजर बनाने की अनुमति दी है. पूरे भारत में फैल रहे घातक कोरोनावायरस के मद्देनजर उत्पाद की बड़ी कमी आई है. सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, राज्य सरकार ने प्रदेश की 119 चीनी मिलों में से 29 को ‘अल्कोहल-बेस’ सैनिटाइजर बनाने की अनुमति दी गई. जिन 25 मिलों को अनुमति मिली है, उनमें से पांच बिजनौर जिले की हैं. इस पहल से चीनी उद्योगों के राजस्व को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. Also Read - Bihar News: बक्सर में गंगा नदी में बहती मिलीं 30 से ज्यादा लाशें, लोगों में भय का माहौल; DM बोले- 'सभी शव बहकर आए'

गन्ने के रस से चीनी निकाले जाने के बाद, गुड़ से शराब का उत्पादन किया जाता है. इसलिए, इन मिलों में सैनिटाइजर का उत्पादन करने के लिए कच्चा माल होगा. अतिरिक्त गन्ना आयुक्त वी. के. शुक्ला ने कहा, “कोरोनावायरस ने देश को दहला दिया है जिसके बाद से सैनिटाइजर की मांग आसमान छू गई है. बाजार में मांग और आपूर्ति में भारी अंतर है, जो इस निर्णय के बाद कम हो जाएगा.” ये 24 मिलें रविवार से सैनिटाइजर का उत्पादन शुरू कर देंगी. अधिकारियों ने कहा कि अकेले बिजनौर में बरकतपुर मिल से प्रतिदिन लगभग 5,000 लीटर सैनिटाइजर का उत्पादन होने की उम्मीद है. Also Read - लॉकडाउन से इस कदर परेशान हुए एक्टर Vijay Varma, घर ले आए नई बीवी!

गौरतलब है कि देश में कोरोना से पीड़ित लोगों की संख्या 1000 पहुंचने वाली है. वहीं कुल 25 लोग इस वायरस की चपेट में आने के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं. देश में कोरोना वायरस की खबर के बाद से ही मेडिकल दुकानों पर हैंड सैनिटाइजर की डिमांड बढ़ गई थी. ऐसे में मांग की आपूर्ति न होने पाने के कारण लोगों ने घर में ही सैनिटाइजर बनाना शुरु कर दिया था लेकिन यह कितना उपयोगी है यह नहीं पता. सुरक्षा के लिहाज से कई संस्थाएं, सरकारे और कंपनियां हैंड सैनिटाइजर लोगों के बीच उचित दाम में बेंचने व बंटवाने का भी काम कर रही हैं. Also Read - Oxygen issue : बीजेपी ने पूछा, दिल्‍ली सरकार क्‍यों सोचती हैं कि केंद्र भेदभाव कर रहा है?

(इनपुट-आईएएनएस)