Coronavirus in Uttar Pradesh:  इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के जस्टिस वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव (Justic Virendra Kumar Srivastava) का कोरोना संक्रमण (Coronavirus) से निधन हो गया. बुधवार (28 अप्रैल, 2021) को उन्होंने अंतिम सांस ली.Also Read - यूपी: पुलिस ने ग्रामीण शख्स की ज़मीन पर किया अवैध कब्जा, बना लिया थाना, जांच के आदेश

जस्टिस श्रीवास्तव को कुछ दिन पहले ही इलाज के लिए संजय गांधी पीजीआई (Sanjay Gandhi PGI Lucknow) में भर्ती कराया गया था. मगर उन्हें बचाया नहीं जा सका. वो इलाहाबाद हाईकोर्ट के पहले पहले जस्टिस हैं जिनका कोरोना से निधन हुआ है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अंतिम संस्कार के लिए जस्टिस श्रीवास्तव के शव को उनके गृह नगर जनपद महराजगंज ले जाया गया है. Also Read - आजम खान को सुप्रीम कोर्ट ने दी बड़ी राहत, जौहर यूनिवर्सिटी के हिस्सों को गिराने पर रोक

जस्टिस वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव के निधन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने गहरा दुख जताया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा- माननीय उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति श्री वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव जी के निधन के समाचार से मन व्यथित है. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें व परिजनों को इस असीम दुःख से उबरने हेतु संबल प्रदान करें. Also Read - आशीष मिश्रा को क्या हाईकोर्ट से फिर मिलेगी बेल, 30 मई को जमानत याचिका पर होगी सुनवाई

कौन थे जस्टिस वीके श्रीवास्तव?
जस्टिस वीके श्रीवास्तव का जन्म महाराजगंज जिले के फरेंदा में पोखरभिंडा गांव में साल 1962 में हुआ था. साल 1986 में उन्होंने कानून ग्रेजुएशन की डिग्री ली. इसके बाद 1988 में इसी विषय पर पोस्ट ग्रेजुएशन किया और वकालत शुरू की.

2005 में वो न्यायिक सेवा के लिए चुने गए. 2016 में जिला जज के रूप में पदोन्नति हुई. 20 सितंबर 2016 से 21 नवंबर 2018 तक प्रमुख सचिव विधि रही. इसके बाद नवंबर 2018 को उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट में जज नियुक्त किया. उनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2023 को समाप्त होना था.