लखनउ: उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के 53 नए मामले सामने आने से सोमवार को राज्य में कुल मामले बढ़कर 3520 हो गए. प्रदेश में अब तक 72 जिलों से संक्रमण के 3520 केस सामने आए हैं. इनमें 1655 मरीज इलाज से ठीक होने के बाद अस्‍पतालों से अपने घरों को जा चुके हैं. यूपी में अब तक कुल 79 लोगों की मौत कोरोना संक्रमण से हुई है. उत्‍तर प्रदेश में अभी एक्‍टिव मरीजों की संख्या 1786 है, जिनका अभी इलाज चल रहा है. Also Read - विदेश से आने वाले भारतीयों को अब 7 दिन रहना होगा क्वारंटाइन, वापस किए जाएंगे बचे हुए पैसे

प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने कहा, ”प्रदेश में अब तक 72 जिलों से 3520 प्रकरण संक्रमण के आए हैं. कुल 1655 लोग पूर्णतया उपचारित हो चुके हैं. कुल 79 लोगों की मौत कोरोना संक्रमण से हुई है. ऐसे मरीजों की संख्या 1786 है जिनका अभी इलाज चल रहा है.” Also Read - छत्तीसगढ़ में Coronavirus के 15 नए केस, कुल आंकड़ा, 307 लेकिन कोई भी मौत नहीं

प्रसाद ने कहा कि जो लोग ‘आरोग्य सेतु’ ऐप का लगातार उपयोग कर रहे हैं, उनके लिए जो भी एलर्ट आ रहे हैं, हम लोगों को भेज रहे हैं. एक समानान्तर व्यवस्था भी की गई है. जो किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं, उन्हें लगातार हमारे नियंत्रण कक्ष से फोन किया जा रहा है. अब तक 2058 ऐसे लोगों को फोन किया जा चुका है और उनमें से 9 कोरोना वायरस संक्रमित पाए गए. इस समय उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है .

प्रमुख सचिव ने कहा कि बाकी लोगों को हम नियंत्रण कक्ष के माध्यम से बता रहे हैं कि वे सावधान रहें. अपनी सेहत का लगातार मूल्यांकन करें. ढेर सारे लोगों ने बताया कि उनकी तबियत अब ठीक है.

– अलावा हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया जा सकता है
– खांसी, सांस लेने में दिक्कत या बुखार जैसे लक्षणों को लेकर सलाह ले सकते हैं
– जरूरत पड़ी तो विशेषज्ञ बताएंगे कि जाकर जांच कराइए
– अगर संक्रमण पाया गया तो चिकित्सा की व्यवस्था भी होगी
– जांच और चिकित्सा की व्यवस्था सरकार की ओर से मुफ्त में की गई है

प्रसाद ने कहा कि इस समय बडी संख्या में प्रवासी कामगार प्रदेश में आ रहे हैं. ऐसे प्रदेशों से भी कामगार आ रहे हैं, जहां ये संक्रमण फैला हुआ है. कुछ लोगों के संक्रमित होने की सूचना भी आ रही है. इसके लिए हमने जो सार्वजनिक निगरानी का माडल दिया है, उसका बहुत सही उपयोग होना चाहिए.

निपटने के लिए कुछ ऐसा भी है प्‍लान में शामिल
– गांवों में ग्राम निगरानी समितियां हैं
– ये ग्राम समिति‍यां ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में बनी हैं
– शहरों में सभासद की अध्यक्षता में मोहल्ला निगरानी समितियां बनाई गई हैं
– इन्हें मजबूती से काम करना है ताकि जो भी बाहर से आ रहे हैं, घर पर पृथक रहने का कडाई से पालन करें
– जिन लोगों में लक्षण आ रहे हों, उनका परीक्षण कराएं
– अगर संक्रमण है तो अस्पतालों में भर्ती कराया जाए

लौट रहे प्रवासियों के लिए इन चीजों का खयाल रखना होगा
– अगर संक्रमण नहीं है तो सात दिन पृथक करें फिर परीक्षण कराकर 14 दिन के लिए घर पर पृथक रहने के लिए भेजेंगे.
-कोई भी प्रवासी रेलवे स्टेशन से सीधे घर नहीं भेजा जाएगा.
-पहले आश्रय स्थल ले जाएंगे.
लक्षण रहित होने पर 21 दिन के लिए घर पर पृथक रखा जाएगा
– ऐसे में सार्वजनिक निगरानी अत्यंत आवश्यक है.

कोरोना :  संक्रमित आयुवर्ग
– 60 साल से ऊपर के लोग, जिनके बारे में हम कहते हैं कि उन्हें सबसे ज्यादा बचाना है
– कुल संक्रमण का 8.1 प्रतिशत संक्रमण इस आयुवर्ग के लोगों में पाया गया.
– 40 से 60 वर्ष आयु के लोगों में 25. 5 प्रतिशत संक्रमण पाया गया.
– 20 से 40 वर्ष के लोगों में जो संक्रमित हुए, उनका आंकडा 48. 7 प्रतिशत है
– 20 वर्ष से कम आयु के 17. 7 प्रतिशत लोगों में संक्रमण पाया गया है.’

-संक्रमित पुरुषों का प्रतिशत 78 . 5 है, जबकि महिलाओं की संख्या 21 . 5 प्रतिशत है .

फिर इन बातों का रखें ज्‍यादा खयाल
– साबुन पानी से बार बार हाथ धोते रहिए.
– मुंह और नाक को फेसकवर जैसे गमछे, मास्क, दुपटटे या रूमाल से ढंकें
– एकदूसरे से दूरी बनाए रखने के नियम का पूरा पालन करें
– आपस में दो गज की दूरी बनाए रखें और बेवजह घर से ना निकलें
– इन बातों का पालन करके ही हम अपने आपको बचा सकते हैं
– बचाव ही एकमात्र रस्ता है इसलिए सबको ध्यान देना चाहिए