दिल्ली से सटे यूपी के गौतमबुद्ध नगर जिले में बड़ी लापरवाही का एक मामला सामने आया है. यहां 35 लोगों की कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट निगेटिव होने के बावजूद प्रशासन ने उन्हें पॉजिटिव मरीजों के साथ आइसोलेशन वार्ड में रख दिया.. इस तरह प्रशासन की लापरवाही की वजह से 35 लोगों की जान में जोखिम में पड़ गई Also Read - भारत में कोविड-19 जांचों की संख्या एक करोड़ के पार, चीन से बहुत पीछे

हमारे सहयोगी चैनल जी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक ये सैंपल प्राइवेट लैब्स में लिए गए थे और लोगों को पॉजिटिव बता दिया गया. हालांकि जब उनकी सरकारी प्रयोगशालाओं में दोबारा जांच कराई गई तो रिपोर्ट नेगेटिव निकली. इन सभी प्राइवेट लैबों को नोटिस भेजा गया है. Also Read - Black Death: कोरोना के बाद चीन से निकली यह नई महामारी, यूरोप में मरे थे 5 करोड़ लोग, पढ़िए ये रिपोर्ट

तीन दिनों तक इन 35 लोगों को कोरोना संक्रमितों के साथ रखा गया. फिर जब सैंपल को सरकारी लैब में चेक कराया गया तो उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई. इसके बाद सभी 35 लोगों को डिस्चार्ज कर छुट्टी दे दी गई. Also Read - राहुल गांधी ने PM मोदी का वीडियो शेयर कर कहा- हारवर्ड में ये तीन विफलताएं होंगी केस स्‍टडी

उधर, जनपद में बुधवार को कोरोना वायरस के 16 नए मामले सामने आए जिससे कुल मामलों की संख्या बढ़कर 707 हो गयी वहीं एक महिला की इस बीमारी के कारण मौत हो गई. गौतमबुद्ध नगर में अब तक 19 पुलिसकर्मी कोविड-19 से संक्रमित पाए जा चुके हैं जिनमें से 13 ठीक होकर अस्पताल से घर लौट गए हैं जबकि छह पुलिसकर्मियों का यहां के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है.

अपर पुलिस उपायुक्त अंकुर अग्रवाल (नोडल अधिकारी कोविड-19) ने बताया कि जनपद में अब तक 19 पुलिसकर्मी कोविड-19 से संक्रमित पाए जा चुके हैं. छह पुलिसकर्मी अभी विभिन्न अस्पतालों में भर्ती है. उन्होंने बताया कि कोई भी पुलिसकर्मी वेंटिलेटर पर नहीं है.

इस बीच लॉक डाउन का उल्लंघन करने पर बुधवार को यहां 464 वाहनों का चालान काटा गया. पुलिस कमिश्नर के मीडिया प्रभारी पंकज कुमार ने बताया कि कोविड-19 की वजह से जनपद में लॉकडाउन व धारा 144 लागू है. उन्होंने बताया कि बुधवार को पुलिस ने 200 स्थानों पर बैरियर लगाकर वाहनों की जांच की और 464 वाहनों का चालान काटा गया है जबकि छह वाहनों को जब्त कर लिया गया.