लखनऊ: लॉकडॉउन के दौरान उत्तर प्रदेश की ऐसा मानवीय चेहरा सामने आया है, जिसकी खूब तारीफ हो रही है. दरअसल, लॉकडॉउन के दौरान जब एक लावारिस महिला की मौत हो गई तो उसकी अर्थी को कंधा देते हुए सहानपुर पुलिस के जवानों ने बेटे का फर्ज निभाया. पुलिस के इस कदम ने लोगों का दिल जीत लिया. यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने पुलिस के इस कदम की तारीफ की है. Also Read - कोरोना महामारी के बीच चुनाव आयोग ने ‘अपने भरोसे के दम’ पर बिहार चुनाव कराया : अरोड़ा

सहानपुर के किशनपुर गांव में बुधवार को लावारिस महिला को वर्दीवालों ने कंधा देते हुए अंतिम यात्रा भी निकाली. एक लावारिस दलित महिला की मौत होने पर पुलिसवालों ने बेटे का फर्ज निभाकर अंतिम संस्कार किया. Also Read - कमाल: कोविड-19 संक्रमित महिला ने जुड़वां बच्चों को दिया जन्म, कई वर्षों से थी नि:संतान

जब महिला को पुलिस के कंधा देने वाली तस्वीरें वायरल हुईं तो मुख्यमंत्री सूचना सेल ने भी इसकी तारीफ की. सूचना सेल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप लॉकडाउन के दौरान पुलिस का मानवीय और संवेदनशील पक्ष उजागर हुआ है. Also Read - DGCA ने इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर अगले महीने तक लगाई रोक

यह मामला बड़गांव थाने के किशनपुर गांव का है. गांव की दलित परिवार की वृद्ध मीना के पति हरिया की चार साल पहले मौत हो गई थी. महिला के परिवार में और कोई नहीं बचा था. महिला कई महीने से बीमार चल रही थी. खबर मिलने पर सहारनपुर पुलिस ने मंगलवार को ही मीना को नानौता के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था.

इलाज के दौरान बुधवार को महिला की मौत हुई, तो अंतिम संस्कार करने वाला कोई नहीं था. इस पर थाने के एसएसआई दीपक चौधरी, सिपाही गौरव और विनोद ने बेटे का फर्ज निभाते हुए महिला को कंधा दिए. पुलिस ने गांववालों के सहयोग से महिला का अंतिम संस्कार किया. पुलिस की इस संवेदनशीलता की सोशल मीडिया पर काफी सराहना हो रही है.

पुलिस के इस मानवीय चेहरे के पीछे 2009 बैच के आईपीएस और जिले के एसएसपी दिनेश कुमार की अहम भूमिका बताई जा रही. एसएसपी दिनेश कुमार जिले के पुलिसकर्मियों को संवेदनशीलता का लगातार पाठ पढ़ाते रहे हैं.