लखनऊ: उत्तरप्रदेश सरकार ने कोरोनावायरस से संक्रमित सभी लोगों का इलाज मुफ्त में करने का फैसला लिया है. इसके साथ ही प्रदेश के सभी स्कूल-कॉलेज दो अप्रैल तक बंद करने के साथ ही परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है. सरकार ने इसके साथ ही फैसला लिया है कि निजी क्षेत्र के लोग घर से ही काम करेंगे. कोरोनावायरस का कहर अब बढ़ता जा रहा है. इससे बचाव को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार काफी मुस्तैदी से लगी है. लोकभवन में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं. प्रदेश के सभी स्कूल-कॉलेज दो अप्रैल तक बंद करने के साथ ही परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित करने का भी निर्णय लिया गया है. इसके साथ ही फैसला लिया गया है कि निजी क्षेत्र के लोग घर से काम करें. लोगों के लिए राहत की बात है कि कोरोनावायरस से संक्रमित सभी लोगों का मुफ्त इलाज होगा. Also Read - दिल्ली, मुंबई के बाद कोरोना संक्रमण का हॉट स्पॉट बना ये शहर, मरीजों की तादाद 89

आदेश के अनुसार, सभी धरना तथा प्रदर्शन स्थल पर लोगों के जुटने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है. सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को भी रद्द करने के साथ ही प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों को भी बंद करने की बात कही गई है. इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है. सरकार ने सभी धर्मगुरुओं से इसमें सहयोग की अपील भी की है. इस फैसले के तहत मंदिर, गुरुद्वारा, मस्जिद व अन्य स्थलों को बंद रखा जाएगा. बैठक में मुख्यमंत्री ने कोरोना पर केंद्र सरकार की एडवाइजरी का 100 फीसदी पालन करने को कहा है. साथ ही प्रदेशवासियों से भीड़भाड़ वाले इलाके में जाने से बचने की अपील की गई है. प्रदेश के सभी पर्यटक स्थल 31 मार्च तक बंद रहेंगे. प्रदेश में तहसील दिवस और जनता दर्शन दो अप्रैल तक बंद कर दिया गया है. Also Read - coronavirus india live updates: पीएम मोदी का संदेश- 5 अप्रैल को रात नौ बजे 9 मिनट तक जलाएं मोमबत्ती या दीया

मुख्यमंत्री ने कहा कि बंद के चलते रोजमर्रा का काम करने वाले लोगों का भरण-पोषण हो सके, इसके लिए वित्त मंत्री की कमेटी तीन दिन में रिपोर्ट देगी. इसमें कृषि मंत्री और श्रम मंत्री शामिल हैं. सरकार द्वारा मजदूरी करने वालों को कुछ धनराशि अकाउंट में ही दी जाएगी. सरकार का कहना है कि कुछ धनराशि खाते में आरटीजीएस करेंगे. ऊर्जा मंत्री व सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया, “रोजमर्रा के काम करने वाले गरीबों को दी जाने वाली राशि और संख्या का अनुमान लगाने के लिए यह कमेटी बनाई गई है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद उनके खातों में रुपये डाले जांएगे. अभी पूरी तरह से दिहाड़ी मजबूरी बंद नहीं हुई है. इसलिए सरकार बैकअप के लिए तैयारी कर रही है. अगर आने वाले दिनों में कोरोनावायरस से सब बंद हो जाता है, तो इस स्थिति के लिए ही यह सारी जानकारी तैयार की जा रही हैं.” Also Read - दुनिया भर में कोरोना से 51 हजार से अधिक लोगों की मौत, संक्रमितों की संख्या बढ़कर 10 लाख हुई

उत्तर प्रदेश में अब तक कुल 15 लोगों में कोरोनावायरस पॉजिटिव पाया गया है, जिसमें से आगरा के चार लोग नई दिल्ली से स्वस्थ होकर लौट चुके हैं. आगरा में आठ, नोएडा में तीन, लखनऊ व गाजियाबाद में दो-दो कोरोना पॉजिटिव हैं. लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के साथ ही संजय गांधी पीजीआई, गोरखपुर के राघव दास मेडिकल कॉलेज तथा लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस व बलरामपुर अस्पताल में संक्रमित लोगों को भर्ती करने की सुविधा है.