नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 की बिसात बिछ चुकी है. सीटों के लिहाज से सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में दुश्मनी भुलाकर 25 साल बाद साथ आए सपा-बसपा ने लड़ाई को कठिन बना दिया है. 80 सीटों वाले इस राज्य में मुकाबला टफ होने जा रहा है. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अकेले 70 से ज्यादा सीटें जीत कर इतिहास रच दिया था. नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाने में यूपी वालों का बड़ा हाथ था. पांच साल बाद एक बार फिर चुनावी बिगुल बज चुका है. बीजेपी ‘एक बार फिर मोदी सरकार’ के नारे को हकीकत बनाने और सपा-बसपा गठबंधन से पार पाने के लिए कमर कस चुकी है.

इकनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक सपा-बसपा से मुकाबले के लिए बीजेपी उत्तर प्रदेश में अपने विधायकों और सांसदों के लिए दो दिन का कमल कप क्रिकेट टूर्नामेंट करवाएगी. हर गांव में किसान कुंभ का आयोजन किया जाएगा. यूपी में केंद्र की योजनाओं का लाभ पाने वाले तीन करोड़ लोगों के बीच पार्टी के कार्यकर्ता पहुचेंगे. शहीदों के परिवार से संपर्क और पूरे राज्य में बाइक रैली का आयोजन किया जाएगा.

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बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह इस महीने के अंत तक बूथ इंचार्ज के साथ मीटिंग करने वाले हैं. बीजेपी पहले ही किसान कुंभ ग्राम सभा का आयोजन शुरू कर चुकी है. 10 जनवरी से 10 फरवरी तक राज्य के 59 हजार गांवों में इसका आयोजन करना बीजेपी का लक्ष्य है. किसान कुंभ ग्राम सभा के तहत बीजेपी के नेता किसानों से बातचीत करेंगे.

केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार की ओर से चलाई गई योजनाओं का लाभ पाने वाले तीन करोड़ लोगों तक पहुंचने के लिए बीजेपी 12 फरवरी से कमल ज्योति-बीजेपी विकास महोत्सव का आयोजन करने जा रही है. ये आयोजन यूपी में 1.63 लाख बूथों पर किया जाएगा. बीजेपी कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने वाले तीन करोड़ लोगों को बीजेपी का फ्लैग और स्टीकर देंगे.

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मार्च में बीजेपी के सीनियर नेताओं की ओर से मेगा बाइकल रैली की प्लानिंग है. लेकिन सबसे ज्यादा जिस कार्यक्रम की चर्चा है वह है कमल कप खेल प्रतियोगिता है जिसका आयोजन 19-20 जनवरी को होने जा रहा है. इसमें बीजेपी के युवा नेता, विधायक और सांसद हिस्सा लेंगे. 8 टीमों के बीच मैच का आयोजन किया जाएगा.

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टीमों का नाम सीनियर नेताओं के नाम पर रखा जाएगा. अटल-11, नमो-11 पंडित दीनदयाल उपाध्याय-11 सरदार पटेल-11 डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम-11 और शहीद भगत सिंह-11 जैसे नाम होंगे. शहीदों के परिजनों को बीजेपी के पाले में करने के लिए पार्टी 15 जनवरी से सैनिक सम्मान अभियान की शुरुआत करने जा रही है. बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता शहीदों के घर जाएंगे और उनके प्रति सम्मान प्रकट करेंगे. 3 मार्च शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाएगा. इसके अलावा पीएम मोदी आने वाले दो महीने में कई रैलियों को संबोधित करेंगे. पीएम के कुंभ मेले में जाने की भी संभावना है.

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यूपी में सपा और बसपा 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही हैं. वहीं दो सीटों अमेठी और रायबरेली में अपने उम्मीदवार नहीं उतारेंगी. राहुल गांधी और सोनिया गांधी की इस सीटों पर गठबंधन ने कांग्रेस को वॉकओवर दे दिया है. वहीं कांग्रेस अकेले ही चुनाव लड़ने जा रही है. पार्टी ने एलान किया है कि वह लोकसभा की 80 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी.