शाहजहांपुर: शाहजहांपुर की लॉ की छात्रा के मामले में पीड़िता के वकील अनूप त्रिवेदी ने कहा कि पीड़ित की गिरफ्तारी की रिपोर्ट गलत है. अब तक हमें न तो कोई नोटिस मिला है और न ही हमारे खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है. वकील त्रिवेदी ने कहा, हमने कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी. विस्तृत चर्चा के बाद कोर्ट ने मेरे आवेदन की अनुमति दी. कोर्ट ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 26 सितंबर तय की है.

पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री चिन्मयानंद से 5 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में विशेष जांच दल द्वारा आरोपी बनाई गई पीड़ित छात्रा ने मंगलवार को एक स्थानीय न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की, जिसे अदालत ने विचारार्थ स्वीकार करते हुए सुनवाई के लिए 26 सितंबर की तारीख तय की है.

एलएलएम कर रही छात्रा को एसआईटी ने आरोपी बनाया है
बता दें कि एलएलएम की पढ़ाई कर रही पीड़िता ने 24 अगस्त को एक वीडियो वायरल किया था, जिसमें चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगया गया था. उसके बाद एक दूसरा वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमें पीड़िता संजय विक्रम और सचिन के साथ कार में बैठी हुई रंगदारी मांगने के विषय पर चर्चा कर रही थी. इसी मामले में संजय, विक्रम और सचिन के अलावा मिस ए पीड़िता को भी विशेष जांच दल की टीम ने आरोपी बनाया है, परंतु पीड़िता की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है.

कोर्ट ने छात्रा की जमानत याचिका स्‍वीकार की
छात्रा के वकील अनूप त्रिवेदी ने पत्रकारों को बताया कि एडीजे सुधीर कुमार की अदालत ने चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली 23 साल की छात्रा की अग्रिम जमानत की याचिका मंगलवार को स्वीकार कर ली. उन्होंने बताया कि अदालत ने इस मामले से संबंधित सभी रिकार्ड 26 सितंबर को तलब किए हैं.

हाईकोर्ट ने निचली कोर्ट में जाने के लिए कहा था
इससे पहले चिन्मयानंद यौन शोषण के मामले में सोमवार को पीड़िता ने उच्च न्यायालय में अनुरोध किया था कि उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए. इस पर न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की पीठ ने यह कहकर गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था कि पीड़िता अगर राहत चाहती है, तो उचित पीठ के समक्ष नई याचिका दायर कर सकती है. अदालत ने यह भी कहा था कि पीठ इस मामले में केवल जांच की निगरानी करने के लिए नामित की गई है और गिरफ्तारी के मामले में कोई आदेश पारित करना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है.

कोर्ट जा रही पीडि़ता से बीच रास्‍ते मिली एसआईटी टीम
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इसी मामले को लेकर मंगलवार को पीड़िता ई-रिक्शा से अपने भाई और पिता के साथ अदालत आ रही थी कि एसआईटी को इसकी सूचना मिल गई. एसआईटी के पूछने पर पीड़िता ने कहा कि वह अदालत में हस्ताक्षर करने जा रही है. इसके बाद एसआईटी की टीम उसे लेकर अदालत पहुंची जहां पीड़िता ने अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की.

26 सितंबर को ही पूरे साक्ष्य के साथ सुनवाई होगी
पीड़िता के अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने पत्रकारों को बताया कि पीड़िता ने अपर जिला जज प्रथम सुधीर कुमार की अदालत में जमानत की अर्जी दी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है. अदालत ने अर्जी पर बहस होने के बाद कोई निर्णय नहीं दिया और 26 सितंबर की तारीख मुकर्रर करते हुए कहा कि 26 सितंबर को ही पूरे साक्ष्य के साथ सुनवाई होगी.

गिरफ्तारी की अफवाह उड़ाई गई है
पीड़िता के अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने यह भी कहा कि पीड़िता की गिरफ्तारी की अफवाह उड़ाई गई है, जबकि अदालत द्वारा पीड़िता की अर्जी को स्वीकार करना उसकी सबसे बड़ी जीत है. उन्होंने बताया कि विशेष जांच दल की टीम पीड़िता को उसके आवास तक छोड़ने गई है.

चिन्मयानंद से 5 करोड रुपए की रंगदारी मांगने का आरोप
चिन्मयानंद से पांच करोड रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में एसआईटी ने विक्रम, सचिन तथा संजय को गिरफ्तार किया था. इस मामले में जिस मोबाइल से चिन्मयानंद को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा गया था, उस मोबाइल को विक्रम और सचिन ने राजस्थान में झाड़ियों में फेंक दिया था. मंगलवार को विशेष जांच दल की टीम विक्रम और सचिन को दोपहर करीब साढ़े ग्यारह बजे रिमांड पर लेकर मोबाइल का पता लगाने जयपुर गई.

चिन्मयानंद की हालत फिलहाल ठीक
इस मामले में पूर्व एमएलसी व भाजपा नेता जयेश प्रसाद ने भी पीड़िता की गिरफ्तारी की मांग की थी और चिन्मयानंद के गिरते स्वास्थ्य पर चिंता जताई थी. सोमवार को चिन्मयानंद को लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई के कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत फिलहाल ठीक बताई जाती है .