शाजहजांपुर: बीजेपी नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली 23 वर्षीय छात्रा को वसूली की करनेे  की कोशिश के मामले में बुधवार सुबह गिरफ्तार किया गया. छात्रा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपए की वसूली मांगने के मामले में चार आरोपियों में छात्रा भी शामिल है. तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं.

लॉ छात्रा की गिरफ्तारी की पुष्टि यूपी पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने की है. डीजीपी सिंह ने कहा, लॉ स्‍टूडेंट जिसने स्‍वामी चिन्‍मयानंद पर यौन उत्‍पीड़न के आरोप लगाए थे, उसे एसआईटी (Special Investigation Team) ने पैसा वसूलने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है और इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया, जहां कोर्ट ने छात्रा को 14 दिन की न्‍यायिक हिरासत में भेज दिया है.

चिन्मयानंद मामले में पीड़िता लॉ स्‍टूडेंट गिरफ्तार, 5 करोड़ की उगाही की कोश‍िश करने का है आरोप

पुलिस सूत्रों के अनुसार छात्रा को सुबह लगभग नौ बजे उसके घर से गिरफ्तार किया गया. सूत्रों ने बताया कि निरीक्षक दलबीर सिंह के नेतृत्व में गई पुलिस टीम ने छात्रा को गिरफ्तार किया. उसे अदालत में पेश करने से पहले चिकित्सकीय जांच के लिए ले जाया गया.

चिन्मयानंद को हाल ही में गिरफ्तार किया गया था. उनकी गिरफ्तारी के बाद रंगदारी वसूलने के मामले में छात्रा की गिरफ्तारी की मांग भी उठी थी. बता दें कि एलएलएम की पढ़ाई कर रही पीड़िता ने 24 अगस्त को एक वीडियो वायरल किया था . उसके बाद एक अन्य वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पीड़िता संजय, विक्रम और सचिन के साथ कार में बैठी है और वसूली मांगने के बारे में चर्चा कर रही है.

छात्रा के वकील अनूप त्रिवेदी ने एक दिन पहले बताया था कि एडीजे सुधीर कुमार की अदालत ने स्वामी चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली छात्रा की अग्रिम जमानत याचिका विचारार्थ स्वीकार कर ली है. अदालत ने इस मामले से संबंधित सभी रिकॉर्ड 26 सितंबर को तलब किए हैं. उन्‍होंने बताया था कि यह राहत की बात है कि अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका विचारार्थ स्वीकार कर ली है और सामान्यत: ऐसे मामलों में गिरफ्तारी नहीं होती है.

मंगलवार को छात्रा को अदालत से उसके घर छोड़ने पहुंची एसआईटी ने लड़की से उसके घर पर देर शाम तीन घंटे तक पूछताछ की थी. छात्रा ई रिक्शा से अपने भाई और पिता के साथ बैठकर न्यायालय आ रही थी कि तभी एसआईटी को सूचना मिल गई. वहां पहुंची एसआईटी को लड़की ने बताया कि वह अदालत में हस्ताक्षर करने जा रही है. इसके बाद एसआईटी उसे लेकर अदालत पहुंची जहां छात्रा ने अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की थी.

एसआईटी ने इस प्रकरण में संजय, विक्रम और सचिन के अलावा ‘मिस ए’ यानी पीड़िता को आरोपी बनाया है. इसी मामले में पूर्व एमएलसी व भाजपा नेता जयेश प्रसाद ने भी पीड़िता की गिरफ्तारी की मांग की थी और स्वामी चिन्मयानंद के गिरते स्वास्थ्य पर चिंता जताई थी. स्वामी को सीने में दर्द और निम्न रक्तचाप की शिकायत के बाद सोमवार को लखनऊ में एसजीपीजीआई के कार्डियालोजी विभाग में भर्ती कराया गया था.