लखनऊ: उत्तर प्रदेश में शनिवार को कोविड—19 संक्रमण के 288 नए मामले सामने आये और इस संक्रमण की वजह से अब तक 155 लोगों की मौत हो चुकी है . स्वास्थ्य विभाग की ओर से देर शाम जारी बुलेटिन में बताया गया कि प्रदेश में शुक्रवार शाम से शनिवार शाम तक कोविड—19 संक्रमण के कुल 288 नये मामले सामने आये हैं . प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कुल 6017 मामले हो गए हैं. Also Read - Election in Uttar Pradesh 2020: प्रदेश में समय पर होंगे पंचायत चुनाव, कोरोनावायरस का चुनावों पर नहीं पड़ेगा असर : भूपेंद्र सिंह चौधरी

बुलेटिन में कहा गया कि कुल 3406 लोग उपचार के बाद ठीक होकर अपने घरों को चले गये हैं . इस संक्रमण की वजह से अब तक 155 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि सक्रिय संक्रमण के मामलों की संख्या 2456 है . बुलेटिन के अनुसार कोविड—19 संक्रमण से सबसे अधिक 33 मौतें आगरा में हुईं . मेरठ में 21, मुरादाबाद में 11, अलीगढ में 11, कानपुर नगर में नौ, फिरोजाबाद में सात, गौतम बुद्ध नगर में पांच, वाराणसी में चार, मथुरा में चार, झांसी में चार, संत कबीर नगर में चार, प्रयागराज में तीन, गोरखपुर में तीन, अयोध्या में तीन, एटा में दो, मैनपुरी में दो, जालौन में दो, प्रतापगढ में दो, बस्ती में दो, बुलंदशहर में दो, जौनपुर में दो, गाजियाबाद में दो, लखनऊ में दो तथा हापुड, बिजनौर, रायबरेली, अमरोहा, बरेली, महाराजगंज, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, श्रावस्ती, उन्नाव, चित्रकूट, कानपुर देहात, कुशीनगर, महोबा और ललितपुर में एक- एक व्यक्ति की कोरोना संक्रमण की वजह से मौत हुई है . Also Read - Coronavirus Effect: अब इस राज्य में पोस्टमैन घर-घर पहुंचाएंगे आम और लीची, जानें क्या है सरकार की प्लानिंग

इससे पहले प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने कहा, ‘आरोग्य सेतु ऐप का निरंतर प्रयोग किया जा रहा है . इससे काफी लाभ मिल रहा है . प्रदेश में इस ऐप को बड़ी संख्या में लोगों ने डाउनलोड किया है . संख्या दो करोड़ पहुंचने वाली है .’ Also Read - भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा कोविड-19 के लक्षणों के बाद अस्पताल में भर्ती

प्रसाद ने कहा, ‘शुक्रवार तक जिन्हें एलर्ट आये, उन्हें स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण कक्ष से फोन किया गया . अब तक 30, 994 लोगों को फोन किया गया है . इनमें से 82 लोगों ने बताया कि वे संक्रमित हैं और विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं . 45 ने बताया कि वे संक्रमित थे लेकिन अब पूर्णतया ठीक होकर घर आ गये हैं . कुल 1079 लोगों ने बताया कि वे क्वारेंटाइन :पृथकवास: में हैं .’

उन्होंने बताया कि देश के अन्य प्रदेशों से बहुत बडी संख्या में प्रवासी श्रमिक एवं कामगार उत्तर प्रदेश आ रहे हैं . आशा कार्यकर्ताओं ने घर घर जाकर सात लाख 44 हजार 821 प्रवासी कामगारों का सर्वेक्षण किया . इनमें से 844 लोगों में कोरोना से जुडे लक्षण पाये गये तो उनके नमूने लेकर जांच करायी जा रही है .

प्रसाद ने बताया कि प्रवासी कामगारों की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद अगर लक्षण नहीं मिला तो उन्हें 21 दिन के लिए घर पर पृथकवास में भेजा जा रहा है . अगर लक्षण मिला तो उन्हें रोककर जांच करायी जा रही है. उनमें यदि संक्रमण पाया गया तो चिकित्सालय में उपचार के लिए भेजा जा रहा है अन्यथा सात दिन तक पृथकवास केन्द्र पर रखने के बाद 14 दिन के लिए घर पर ही पृथकवास में भेजा जा रहा है.

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लक्ष्य दिया है कि अगले तीन—चार दिन में हमारी टेस्टिंग की क्षमता दस हजार तक पहुंच जाए . शुक्रवार को 8112 नमूनों की जांच की गयी. हम जल्द ही दस हजार के आंकडे को छू लेंगे . शुक्रवार को कुल 836 पूल लगाये गये . इनमें से 659 पूल पांच पांच सैम्पल के और 177 पूल दस दस सैम्पल के लगाये गये . कुल 143 पूल पॉजिटिव निकले . प्रसाद ने बताया कि हॉटस्पाट और गैर हॉटस्पाट क्षेत्रों में सर्वेक्षण की कार्रवाई चल रही है और अब तक 70 लाख 85 हजार 368 से अधिक घरों में तीन करोड 54 लाख 83 हजार 704 लोगों का सर्वेक्षण किया गया.

उन्होंने कहा कि 25 मई से घरेलू उडानें शुरू होने जा रही हैं . इसका प्रोटोकाल नागर विमानन मंत्रालय जारी कर रहा है . जब विमान के जरिए यात्री किसी राज्य में पहुंचेंगे तो उसका प्रोटोकाल राज्य सरकारें जारी करेंगी . उत्तर प्रदेश के मामले में जो भी उडानों के जरिए यहां पहुंचेगा, उसे घर पर पृथकवास में भेजा जाएगा . जो एक या दो दिन के लिए किसी कार्य से आ रहे हैं और फिर वापस लौटेंगे, उन्हें अपने रिटर्न टिकट का हवाला देना होगा.

प्रसाद ने बताया कि ढाई हजार से ज्यादा निजी चिकित्सालयों में इमरजेंसी सेवा प्रारंभ कर दी गयी हैं . सरकारी चिकित्सालयों और मेडिकल कालेजों में तो ये सेवाएं पहले से ही मिल रही थीं, लेकिन अब निजी चिकित्सालयों में भी उपलब्ध होंगी . उन्होंने बताया कि एनएसएस, एनसीसी, नेहरू युवा केन्द्र और युवक मंगल दल जैसे संगठनों के लोगों को हम कोविड वालंटियर फोर्स के रूप में लेने जा रहे हैं . उनके जरिए जन जागरूकता फैलायी जाएगी.