गौतमबुद्ध नगर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को यहां गौतमबुद्ध नगर जिले में कोरोना से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए गए इंतजामों की समीक्षा की और अधिकारियों का जमकर फटकार लगाई. Also Read - महाराष्‍ट्र में कोरोना से आज 85 मौतें के साथ अब तक करीब 2000 मृत, कुल 60 हजार पॉजिटिव केस

सीएम योगी के फटकार लगाने के बाद गौतम बौद्ध नगर के डीएम बृजेश सिंह ने 3 महीने की छुट्टी का अनुरोध किया था. उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी ने सोमवार शाम को बताया कि उन्हें (बृजेश सिंह) लखनऊ स्थानांतरित करने और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने का आदेश पारित किया गया है. इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि इस पुरे मामले की जांच शुरू की जाएगी. यूपी के मुख्य सचिव आरके तिवारी ने बताया कि सुहास एलवाई (Suhas LY) को गौतम बौद्ध नगर का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है. Also Read - ICC Meeting: टी20 विश्‍व कप 2020 के भविष्‍य को लेकर फैसला 10 जून तक स्‍थगित

इससे पहले खबरें आईं थीं कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिली फटकार के बाद नोएडा के जिलाधिकारी ने 3 महीने की छुट्टी मांगी. उन्होंने कहा कि मैं नोएडा में काम नहीं करना चाहता. डीएम बीएन सिंह ने गुरुवार को नोएडा में मुख्यमंत्री के साथ बैठक में ये दो टूक जवाब दिया. बीएन सिंह ने कहा कि मैं पिछले 3 साल से नोएडा में तैनात हूं. 18-18 घंटे काम कर रहा हूं. Also Read - Coronavirus Effect: अब इस राज्य में पोस्टमैन घर-घर पहुंचाएंगे आम और लीची, जानें क्या है सरकार की प्लानिंग

इससे पहले मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अफसरों की सोमवार दोपहर बाद गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी परिसर में जबरदस्त क्लास ली. मुख्यमंत्री की नाराजगी देखकर अफसर सन्न रह गए. आलम यह था कि जिस किसी अफसर ने सफाई देने की जुर्रत की उसे मुख्यमंत्री ने डांट कर चुप करा दिया. बकवास बंद करो. तुम सब मिलकर सिर्फ राजनीति और माहौल खराब करते हो.

पूरी समीक्षा बैठक के दौरान योगी इस बात से खासा नाराज थे कि जिला प्रशासन सरकार की नजर में अब तक सिर्फ धूल झोंकता आ रहा है. इसी के चलते जिले में कोरोना संदिग्ध और पॉजिटिव्स की संख्या कहीं ज्यादा ऊपर जा पहुंची है.

मुख्यमंत्री ने दो टूक पूछा, “जब मैंने दो महीने पहले ही अलर्ट रहने को कहा था. जिले में मजबूत कंट्रोल रूम बनाने को कहा था, फिर वह क्यों नहीं बना? अगर बना तो फिर कोरोना संदिग्ध और पॉजिटिव्स की संख्या इतनी ज्यादा जिले में कैसे बढ़ी?” मुख्यमंत्री के किसी भी सवाल का जबाब जिलाधिकारी बी.एन. सिंह, नोएडा, ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस अफसरों के पास नहीं था.

मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी से लेकर नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी आईएएस रितु माहेश्वरी, जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी अनुराग भार्गव तक मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने सबको आड़े हाथ लिया. समीक्षा बैठक में योगी ने अफसरों से सवाल किया, “जब सीजफायर कंपनी का मामला सामने आया तो उसके खिलाफ शुरू में ही कड़ी कार्यवाही क्यों नहीं की गई?”

मुख्यमंत्री ने दो टूक सबके सामने कह दिया कि जिले में कोरोना वायरस ने, अफसरों की लापरवाही और उनकी आपसी खींचतान के चलते इतना भयानक रूप लिया है. ढाई घंटे तक गौतमबुद्ध नगर में रहने के दौरान कई बार मुख्यमंत्री मातहत जिला अफसरों को हड़काते रहे. बताते रहे कि कुछ भी हो कोरोना में वह कोई लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे.

उल्लेखनीय है कि अब तक गौतमबुद्ध नगर जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 34 पहुंच चुकी है. मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा, “आप लोग शोर ज्यादा मचा रहे हैं. राजनीति ज्यादा और काम कम कर रहे हैं. जोकि बर्दाश्त नहीं करूंगा.” दौरे के दौरान नोएडा प्राधिकरण की ओर से मुख्यमंत्री को कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए कर्मचारियों द्वारा इकट्ठी की गई 51 लाख रुपये की धनराशि भी सौंपी गई.

(इनपुट आईएएनएस)