मेरठ: मेरठ में दलित समाज के वकीलों द्वारा डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा गंगाजल से धुला गया. वकीलों का कहना है कि कुछ दिन पहले आरएसएस के राकेश सिंहा और उनके साथ अन्य नेताओं ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया था. इसलिए वह इसे गंगाजल से नहला रहे हैं. इससे प्रतिमा शुद्ध हो जाएगी. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: भाजपा के मेनिफेस्टो पर मचा बवाल, तो BJP ने किया पलटवार

वकील बोले- बीजेपी ने दलितों के लिए कुछ नहीं किया
मामला मेरठ की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट इलाके का है. यहां संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगी हुई है. आज वकीलों का एक दल यहां पहुंचा और प्रतिमा को धुला. वकीलों के अनुसार उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि कुछ दिन पहले आरएसएस के राकेश सिंहा और अन्य ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया था. वकीलों का कहना है कि बीजेपी दलितों पर अत्याचार करती है. उन्होंने भीमराव आंबेडकर के लिए कुछ नहीं किया, लेकिन अब दलितों को बहलाना चाहती है. यही वजह है कि प्रतिमा को साफ कर शुद्ध करने का फैसला लिया गया. Also Read - बिहार में मुफ्त वैक्सीन बांटने के वादे पर राहुल गांधी का बीजेपी पर हमला, RJD बोली- इसमें भी चुनावी सौदेबाजी, छी-छी

दलितों का खुद को हितैषी बता रही पार्टियां
बता दें कि पिछले कुछ समय में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं को छति पहुंचाई गई या तोड़ दिया गया. इससे दलित समाज में रोष है. वहीं, कुछ दिन पहले ही बीजेपी की केंद्र सरकार ने एससी/एसटी एक्ट को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदल खुद को दलितों का हितैषी बताने की कोशिश की. सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट के तहत दलितों द्वारा मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी. वहीं, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी लगातार बीजेपी को दलितों के हित की पार्टी बता रहे हैं, जबकि दूसरी पार्टियां भी खुद को दलित हितैषी बता रही हैं. दलित वोटों की ये रस्साकशी 2019 लोकसभा चुनाव के लिए मानी जा रही है.