सहारनपुर: मुस्‍ल‍िमों के एक प्रतिष्‍ठित संगठन दारुल उलूम ने एक फतवा जारी किया है. इसमें महिलाओं और पुरुषों के नेल पॉलिस लगाकर नमाज अदा करने पर पाबंदी लगाई गई है. दारुल उलूम के जारी फतवे में कहा गया गया है कि पॉलिश से नाखून पर कलर की पर्त जम जाती है. जब तक उसे साफ न कर दिया जाए नाखून तक पानी नहीं पहुंच सकता. पहले नाखून पर जमी हुई रंग की परत को साफ करना जरूरी होगा. दूसरे सवाल के जवाब में कहा गया है कि मर्द व औरत दोनों के लिए ही नाखून बढ़ाना सही नहीं है और 40 दिन के बाद भी नाखून न काटना सही नहीं है.

मुजफ्फरनगर के गांव तेवड़ा के रहने वाले मोहम्मद तुफेल ने दारुल उलूम देवबंद से लिखित में पूछा था कि क्या महिलाएं शादी में जाते समय या फिर शौकियाई नेल पॉलिश लगा सकती है. क्या पुरुष या महिलाओं के लिए नाखून बढ़ाना जायज है. इसके जवाब में दारुल उलूम देवबंद के इफ्ता विभाग के मुफ्तियों की खंड पीठ ने जारी फतवे में कहा है कि औरत के लिए नेल पॉलिश लगाने की गुंजाइश है. बशर्त उसमें कोई नापाक चीज न मिली हुई हो.

दारुल उलूम के जारी फतवे में कहा गया गया है कि पॉलिश से नाखून पर कलर की पर्त जम जाती है. जब तक उसे साफ न कर दिया जाए नाखून तक पानी नहीं पहुंच सकता. पहले नाखून पर जमी हुई रंग की परत को साफ करना जरूरी होगा. दूसरे सवाल के जवाब में कहा गया है कि मर्द व औरत दोनों के लिए ही नाखून बढ़ाना सही नहीं है और 40 दिन के बाद भी नाखून न काटना सही नहीं है.

तंजीम-अबना-ए-दारुल उलूम देवबंद के अध्यक्ष मुफ्ती यादे इलाही कासमी ने दारुल इफ्ता द्वारा जारी फतवे को पूरी तरह से सही बताते हुए कहा कि इस्लाम औरत को सजने संवरने से बिल्कुल नहीं रोकता है. लेकिन ऐसी चीजें, जिनके इस्तेमाल करने की वजह से किसी भी फर्ज को अदा करने में परेशानी होती हो उससे बचना आवश्‍यक है.