सहारनपुर: भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया के भाई सचिन वालिया की मौत के मामले में खुलासा करते हुए पुलिस ने मंगलवार को दावा किया कि यह हत्या का नहीं बल्कि उसके साथी द्वारा दुर्घटनावश गोली चलने का मामला है. डीआईजी शरद सचान ने बताया कि सचिन वालिया की हत्या नहीं की गई बल्कि एक साथी द्वारा तमंचा देखने के दौरान गोली चलने से उसकी मौत हुई.

पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी निशानदेही पर तमंचा भी एक अन्य के घर से बरामद कर लिया गया है. डीआईजी ने इस मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है. सचान ने बताया कि नौ मई को महाराण प्रताप जयंती के अवसर पर सचिन की संदिग्ध परिस्थिति में गोली लगने से मौत हो गई थी.

उन्होंने बताया कि आज पुलिस टीम ने प्रवीण उर्फ माण्डा पुत्र पूरन सिंह निवासी रामनगर थाना देहात कोतवाली को गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर घटना मे प्रयुक्त तमंचा मय खोखा कारतूस भी बरामद किया गया है. डीआईजी के अनुसार प्रवीण ने बताया कि घटना के दिन सचिन ने उसे फोन करके निहाल के घर बुलाया था. वहीं पर एक तमंचा रखा हुआ था, उसे देखने के दौरान ही ट्रिगर दबने से गोली चल गई जो सचिन वालिया को जा लगी.

प्रवीण ने बताया कि वे सचिन को जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे थे लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया.