यूपी कांग्रेस अध्यक्ष को उर्जा मंत्री ने भेजा मानहानि का नोटिस, कहा- अपनी वाणी में सतर्कता बरते

ऊर्जा मंत्री ने बयान जारी कर कहा, यह नोटिस अजय कुमार लल्लू द्वारा सार्वजिनक रूप से उनके खिलाफ दिए गए झूठे, आपत्तिजनक और अमर्यादित बयानों को लेकर भेजा गया है.

Published date india.com Published: November 7, 2019 6:11 PM IST
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष को उर्जा मंत्री ने भेजा मानहानि का नोटिस, कहा- अपनी वाणी में सतर्कता बरते
राहुल गांधी- अजय कुमार लल्लू (फाइल फोटो)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश बिजली विभाग के पीएफ घोटाले पर शुरू हुए सियासी संग्राम के बीच गुरुवार को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के बयान को लेकर उन्हें मानहानि का नोटिस भेजा है और एक सप्ताह के भीतर माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया है. ऊर्जा मंत्री ने बयान जारी कर कहा, यह नोटिस अजय कुमार लल्लू द्वारा सार्वजिनक रूप से उनके खिलाफ दिए गए झूठे, आपत्तिजनक और अमर्यादित बयानों को लेकर भेजा गया है.

उन्होंने कहा कि डीएचएफएल या सनब्लिंक कंपनी को धन हस्तांतरण में उनकी कोई भूमिका नहीं रही है और उनकी भेंट भी उन कंपनियों के किसी अधिकारी से कभी नहीं हुई. वह सितंबर-अक्टूबर में ही नहीं, बल्कि कभी विदेश यात्रा पर नहीं गए. भविष्य निधि (पीएफ) का प्रबंधन एक ट्रस्ट द्वारा किया जाता है, जिसमें वह किसी पद पर नहीं हैं और इस कार्य में उनकी कोई भूमिका भी नहीं है. डीएचएफएल को धन हस्तांतरण करने का निर्णय उनके कार्यकाल का नहीं है, वह पूर्व सरकार के समय का है.

ऊर्जा मंत्री ने साफ किया कि वह भविष्य में अपनी वाणी को लेकर विशेष सतर्कता बरतें. उन्होंने कहा, “कांग्रेस अध्यक्ष लल्लू जी का आचरण न सिर्फ सार्वजनिक जीवन कि मयार्दाओं के विपरीत था, बल्कि समाज जीवन में शुचितापूर्ण ढंग से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने वाले व्यक्ति के लिए मानहानिकारक था.”

उन्होंने यह भी साफ किया कि यदि लल्लू ने माफी नहीं मांगी तो उनके खिलाफ आईपीसी दंड संहिता की धारा 499 एवं 500 के अंतर्गत मानहानि की दांडिक कार्यवाही के साथ ही दीवानी न्यायालय में हर्जाने के लिए दीवानी की कार्यवाही भी की जाएगी. कांग्रेस नेता लल्लू ने नया सवाल उठाते हुए कहा था कि ऊर्जा मंत्री बताएं कि उन्होंने सितंबर-अक्टूबर, 2017 में दुबई की आधिकारिक यात्रा किस उद्देश्य से की थी.

कांग्रेस ने पीएफ घोटाले को भ्रष्टाचार के साथ देश की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ बताया है. लल्लू ने मांग की थी कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि सितंबर-अक्टूबर, 2017 में ऊर्जा मंत्री किस प्रयोजन से दुबई गए थे और वहां उन्होंने किन लोगों से मुलाकात की. यह दौरा उसी दौरान किया गया था, जब डीएचएफएल का पैसा सनब्लिंक को जा रहा था. लल्लू ने कहा था कि ऊर्जा मंत्री 10 दिन की उस आधिकारिक यात्रा के उद्देश्य बताएं.

(इनपुट-आईएएनएस)

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.