नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से लाकडाउन (Lockdown i UP) लगा दिया है. लॉकडाउन के कारण दिल्ली से सटे कई जिले जैसे नोएडा (Lockdown in Noida), गाजियाबाद (Lockdown in Ghaziabad) की सीमाओं को सील कर दिया गया है. अब लॉकडाउन के दौरान उन्हीं लोगों को आनें जाने की अनुमति होगी जो लोग आवश्यक सेवाओं से जुड़े होंगे. दिल्ली से जुड़े गाजियाबाद और नोएडा की सीमाए 13 तारीख तक सील रहेंगी. जुरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को पास दिखाना अनिवार्य होगा. Also Read - पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी कोरोना संक्रमित, खुद ट्वीट कर दी जानकारी

पुलिस प्रशान ने दिल्ली और दूसरे राज्यों से जुड़ी सीमाओं में बैरीकेटिंग लगा कर सीमाओं को सील कर दिया है और आने जाने वालों की जांच की जा रही है. प्रसाशन उन्हीं लोगों को दूसरे राज्यों या फिर दिल्ली जानें की अनुमति दे रहा है जो इसेंसियल सर्विस से जुड़े हैं. Also Read - UNLOCK3.0 केंद्र सरकार की गाइडलाइन के बाद तमिलनाडु में आज से खुल गए जिम

सीमाएं सील होने से जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बता दें कि नोएडा गाजियाबाद में लाखो लोग ऐसे रहते हैं जो दिल्ली में काम करते है. और बहुत से ऐसे लोग है जो कि दिल्ली में रहते है और वे अपना काम धंधा या तो नोएडा में करते हैं या फिर गाजियाबाद में. सीमाएं सील होने और चेकिंग की वजह से लोगों को लंबे जाम का सामना करना पड़ रहा है. Also Read - ICC Women’s ODI World Cup को स्थगित करने के पीछे Corona नहीं बल्कि ये है वजह, जानिए पूरी डिटेल

इन लोगों को लॉकडाउन में मिलेगी छूट

– कोरोना वॉरियर्स जैसे साफ-सफाई में लगे लोग और डोर स्टेप डिलीवरी से जुड़े लोगों को आने-जाने की छूट होगी.
– जरूरी सामानों की आपूर्ति पर रोक नहीं होगी
– मालवाहक वाहनों के आवागमन पर रोक नहीं
– राष्ट्रीय और राजमार्गों पर परिवहन जारी रहेगा
– रेल और हवाई यात्रा करने वाले लोगों पर प्रतिबंध नहीं होगा.

कोरोना के बढ़ते मामलो के चलते यूपी सरकार ने कल रात से पूरे प्रदेश में 55 घंटे के लिए लाकडाउन लगा दिया. यह लाकडाउन 13 तारीख की सुबह तक लागू रहेगा. लॉकडाउन के दौरान प्रदेश के सभी धार्मिक स्थल पूरी तरह से खुले रहेंगे, किसी धार्मिक जगह पर लॉकडाउन की कोई पाबंदी लागू नहीं होगी. लॉकडाउन के दौरान अब सरकार नियमों को तोड़ने वालों से ज्यादा हर्जाना वसूलेगी. बिना मास्क पहन कर घर से निकलने पर सर 500 रुपये देने होंगे.