लखनऊ: सीमा पर जारी पाकिस्तानी गोलाबारी में शहीद देवरिया के बैदा बांसपार के सत्यनारायण यादव का पार्थिव शरीर सोमवार सुबह उनके पैतृक गांव पहुंच गया है. इस दौरान आसपास के लोगों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी. हालांकि प्रशासन की बेरुखी और स्‍थानीय विधायक के न आने से लोगों में गुस्‍सा है. शहीद के परिवार वालों ने सरकार के शहीद के बच्‍चों की शिक्षा का खर्च उठाने की मांग की है.

 

बता दें कि सीमा पर अख्नूर सेक्टर में पाकिस्‍तान की ओर से हुई गोलाबारी में देवरिया के बैदा बांसपार के सत्‍यनारायण यादव और फतेहपुर के रहने वाले कांस्टेबल विजय कुमार पाण्डेय शहीद हो गए थे. सोमवार को सत्‍यनारायण यादव का पार्थिव शरीर पहुंचते ही गांव में हिन्‍दुस्‍तान जिंदाबाद, पाकिस्तान मुर्दाबाद और सत्यनारायण अमर रहे, के नारे लगाए गए. गांव के लोगों का कहना है कि जिले से दो मंत्री राज्य सरकार में हैं, लेकिन शहीद के घर कोई नहीं आया. बता दें कि इससे पहले शहीद सत्यनारायण यादव के पार्थिव शरीर को पुलिस लाइन में बीएसएफ के जवानों और पुलिसकर्मियों ने गार्ड ऑफ आनर की सलामी दी. इसके बाद पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा.

मुख्यमंत्री ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जम्मू-कश्मीर में पाक गोली-बारी में बीएसएफ के शहीद जवानों जनपद देवरिया निवासी एएसआई सत्य नारायण यादव और फतेहपुर के कांस्टेबल विजय कुमार पाण्डेय के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है. उन्होंने कहा कि देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले इन वीर सपूतों को हमेशा याद किया जाएगा. उन्होंने शहीद जवानों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की है. मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी घोषणा की है.