देवरिया: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान द्वारा संचालित बालिका गृह में नाबालिग लड़कियों के साथ अमानवीयता और सेक्स रैकेट चलाए जाने के आरोप सामने आने के बाद शासन द्वारा जिला प्रशासन पर कार्यवाही की गई है. देवरिया के डीएम अजीत कुमार को हटा दिया गया है. इसके साथ ही शासन ने लखनऊ से दो सदस्यीय टीम भी जांच के लिए भेजी गई है. टीम आज ही मामले की शुरूआती जांच कर रिपोर्ट भेजेगी. ये कार्यवाही सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर हुई है. Also Read - Viral Post: पुलिस नहीं ढूंढ़ पा रही लापता भाई, बहन ने सोशल मीडिया पर लोगों से मांगी मदद

Also Read - First Love Jihad Law Case: यूपी में 'लव जिहाद' कानून के तहत पहला मामला दर्ज, हिंदू लड़की का धर्म बदलवाना चाहता था उवैश अहमद

देवरिया में मुजफ्फरपुर जैसा कांड, बालिका गृह में सेक्स रैकेट चलाने का आरोप, लड़कियों ने सुनाई आपबीती Also Read - असदुद्दीन ओवैसी के गढ़ में योगी आदित्यनाथ का भव्य स्वागत, लोग बोले- आया-आया शेर आया

मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने की प्रेस कांफ्रेस

घटना के सामने आने के बाद महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने प्रेस कांफ्रेस करते हुए ये जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सीएम के आदेश पर डीएम पर कार्यवाही की गई है. टीम भी जांच के लिए भेजी गई है. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि उत्तर प्रदेश के देवरिया के बालिका गृह में भी लड़कियों के साथ अमानवीयता का मामला सामने आया है. देवरिया के रेलवे स्टेशन रोड पर चल रहे बालिका गृह से भागकर पुलिस स्टेशन पहुंची एक लड़की की शिकायत के बाद छापा मारते हुए पुलिस ने 24 बच्चियों-लड़कियों को छुड़ा लिया है. 18 लड़कियां अभी भी गायब बताई जा रही हैं. पुलिस ने अब तक बालिका गृह की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, पति मोहन तिवारी और बेटी को अरेस्ट कर लिया है.

सीबीआई ने भी पाई थीं अनियमितताएं, फिर कुछ नहीं हुआ

तफ्तीश में यह बात भी सामने आई है कि 2017 में बालिका गृह की मान्यता गलत गतिविधियों के कारण रद्द कर दी गई थी. कई बार जिला प्रोबेशन अधिकारी और बल संरक्षण अधिकारी इस संस्था से बच्चियों को हैंडओवर करने के लिए नोटिस दे चुके थे, लेकिन राजनैतिक रसूख के चलते गिरिजा त्रिपाठी बालिका गृह बंद नहीं कर रही थी और ना लड़कियों को संबंधित विभाग को सौंप रही थी, जबकि अनियमितताओं की जांच उस समय सीबीआई ने की थी. इसके बाद भी बालिका गृह के संचालकों का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सका. बालिका गृह में 15 से 18 साल की लड़कियां हैं. अब तक 24 लड़कियां यहां से छुड़ा ली गई हैं, जबकि 18 अब तक लापता हैं.

रात में नकाब में ले जाई जाती थीं, सुबह रोते हुए आती थीं वापस

बालिका गृह में लड़कियों के साथ यौन शोषण किया जाता था या नहीं, यह अभी अधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन लड़कियों के अनुसार उन्हें रात में जबरन नकाब पहनाकर अलग-अलग कारों से बाहर ले जाया जाता था. उनके साथ गलत काम होता था और सुबह होने से पहले ही बालिका गृह में छोड़ दिया जाता था. जो लड़की रात में ले जाई जाती थी, वह सुबह रोते हुए ही लौटती थी. उसकी आंखें सूजी होती थीं, लेकिन डर से कोई भी लड़की आपस में कुछ भी नहीं बताती थी.

बिहार के बालिका गृह कांड की ग्राउंड रिपोर्ट: बच्चियों से रोजाना होता था रेप, गर्भपात तक के लिए हुईं मजबूर

ऐसे हुआ करतूत का खुलासा

बताया जा रहा है कि आज सुबह एक लड़की बालिका गृह से किसी तरह से भाग निकली. लड़की सीधे पुलिस के पास पहुंची और उसने पुलिस को घटनाक्रमों के बारे बताया. उसके आरोप सुन पुलिस भी सकते में आ गई. भागकर पहुंची लड़की के अनुसार, लड़कियां रात में अलग-अलग गाड़ियों से रोज ले जाती थीं. उन्हें नकाब पहनाकर ले जाता. इसके बाद वह रोते हुए वापस लौटती थीं. उनके साथ गलत व्यवहार होता था. बालिका गृह में उनका झाड़ू-पोंछा और बर्तन भी धुलवाए जाते थे. देवरिया एसपी रोहन पी कनय ने बताया कि बालिका गृह को अवैध घोषित किया गया था और इसका चाल-चलन भी ठीक नहीं था.