गोरखपुर: देवरिया शेल्टर होम मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने आज विन्ध्य वासिनी एनजीओ द्वारा संचालित वृद्धाश्रम का दौरा किया. इस टीम के साथ मुख्य आरोपी और शेल्टर होम की प्रबंधक गिरिजा त्रिपाठी भी थी.

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एसआईटी ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में तीन घंटे की जांच के बाद वृद्धाश्रम को सील कर दिया और लखनऊ से आई फोरेसिंक टीम ने वृद्धाश्रम से कुछ नमूने भी लिये. गत पांच अगस्त को देवरिया पुलिस ने देवरिया शेल्टर होम पर छापा मारा था और वहां से 23 लड़कियों को बचाया था. शेल्टर होम अवैध तौर पर चलाया जा रहा था. जांच में पता चला था कि वहां से कुछ लड़कियां गायब हैं. इस मामले में गिरिजा त्रिपाठी, उसके पति मोहन त्रिपाठी, दो पुत्रियां कंचनलता और कनकलता पुलिस रिमांड पर है.

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फोरेंसिक टीम ने नमूने एकत्र किए
इस बारे में पुलिस क्षेत्राधिकारी (कैंट) प्रभात कुमार ने बताया कि एसआईटी टीम के साथ लखनऊ से आई फोरेंसिक टीम ने आज गोरखपुर के रानी दिहा इलाके में वृद्धाश्रम की सील तोड़कर वहां से कुछ नमूने एकत्र किये. उनके साथ गिरिजा देवी भी मौजूद थी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक टीम आफिस से कुछ कागजात भी अपने साथ ले गयी.