देवरिया: देवरिया के बालिका संरक्षण गृह की एक 21 वर्षीय युवती पुलिस को आज शाम गोरखपुर के एक वृद्धाश्रम में मिल गई. अपर जिलाधिकारी (पूर्व), गोरखपुर प्रभु नाथ ने बताया कि 21 वर्षीय युवती को रानीडीहा क्षेत्र के एक वृद्धाश्रम में पाया गया. रजिस्टर में दर्ज ब्यौरे के मुताबिक युवती को यहां पांच अगस्त को लाया गया था. वह सदमे में थी. उसका मेडिको लीगल कराने के बाद बयान दर्ज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि चार बुजुर्ग अंत:वासियों के साथ युवती का रहना अवैध है. पड़ताल चल रही है. वृद्धाश्रम में 13 कमरे हैं. इसके साथ ही जिला प्रोबेशन अधिकारी को नौकरी से हटा दिया गया है. डीएम अमित किशोर ने इसकी जानकारी दी है.

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देवरिया बालिका संरक्षण गृह से छुड़ायी गयीं 24 लडकियों में से एक ने मीडिया को बताया था कि लडकियों को गोरखपुर भेजा जाता था. वहां एक कमरे में दो पुरूषों के साथ एक लड़की भेजी जाती थी. वृद्धाश्रम के लिपिक अंकित मिश्र ने दावा किया कि वृद्धाश्रम पिछले 30 साल से मां विंध्यवासिनी एनजीओ के तहत चल रहा है, लेकिन जब इसकी संबद्धता जून 2017 में समाप्त की गई तो संगठन उच्च न्यायालय जाकर स्थगनादेश ले आया, इसलिए यह वैध है.

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एनजीओ प्रबंधक गिरिजा देवी की विधवा पुत्री कनकलता, उसकी चार वर्षीय पुत्री और अंकित मिश्र भी वृद्धाश्रम में रहते हैं. जिलाधिकारी विजयेन्द्र पाण्डियन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शलभ माथुर को जब लड़की के मिलने की सूचना मिली तो वे वृद्धाश्रम पहुंचे. इस बीच संरक्षणगृह की फरार चल रही अधीक्षक कंचनलता त्रिपाठी को आज देवरिया में गिरफ्तार कर लिया गया है.